जोधपुर.
पाली जिले में रोहट से पुलिस व एसओजी के हत्थे चढऩे वाला बीएड छात्र दो साल से बीएसटीसी की प्रवेश परीक्षा में न सिर्फ खुद ने फर्जी अभ्यर्थी के तौर पर परीक्षा दी थी, बल्कि दूसरे होशियार छात्रों को भी फर्जी अभ्यर्थी बनाकर परीक्षा दिला चुका है। छात्र से एसओजी की पूछताछ में यह सामने आया है।
एसओजी सूत्रों के अनुसार प्रकरण में पाली जिले के रोहट थानान्तर्गत नेहड़ा गांव निवासी अशोक कुमार पुत्र केसाराम बिश्नोई को पकड़ा गया है। वह जोधपुर में बीएड का छात्र है और जयपुर में रीट की कोचिंग कर रहा है। इस दौरान उसने प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बिठाकर रुपए कमाने का निर्णय किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अगस्त 2020 में आयोजित बीएसटीसी प्रवेश परीक्षा में भरतपुर के डीग निवासी अजयसिंह के स्थान पर जयपुर के मानसरोवर स्थित परीक्षा केन्द्र में फर्जी अभ्यर्थी बिठाया था, लेकिन वह फेल हो गया था। इसी तरह उदयपुर जिले के जाडोल निवासी शिशुपाल के स्थान पर उसने खुद ने जयपुर के एक अन्य परीक्षा केन्द्र में फर्जी अभ्यर्थी बन परीक्षा दी थी। इसमें वह पास हो गया था। इस प्रकार उसने करीब तीस अभ्यर्थियों के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी बिठाए थे। इनमें से दस अभ्यर्थी पास हो गए थे। जबकि अन्य फेल हुए थे।
अशोक बिश्नोई को गत 4 फरवरी की देर रात रोहट थाना पुलिस ने पकड़ा था। उसके पास फर्जी अभ्यर्थी बिठाने के बारे में हिसाब की डायरियां मिलने पर एसओजी को सूचित किया गया था। तलाशी में उसके कब्जे से दो मोबाइल भी जब्त किए गए थे। जयपुर के एसओजी थाने में एफआइआर दर्ज कर उससे पूछताछ की जा रही है।
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