कृषि नीति निर्धारण में खेती से जुड़े लोगों को शामिल करना जरूरी

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पीपाड़सिटी (जोधपुर) . कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अर्थशास्त्री डॉ. गौरव वल्लभ ने कहा कि देश में कृषि नीति के निर्धारण में भी खेती से जुड़े अधिकारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। क्योंकि देश के अलग-अलग भागों में खेती के तरीके और फसलों की भिन्नता हैं। इसको ध्यान में रखकर कृषि नीति बनाई जाए तो जमीनी स्तर पर किसानों को पर्याप्त लाभ मिल सकेगा।

डॉ. गौरव वल्लभ मंगलवार को पीपाड़सिटी में अपने पारिवारिक एंव सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद आवास पर उपस्थित नागरिकों,कांग्रेस कार्यकर्ताओं व अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान विचार व्यक्त कर रहे थे।

उन्होंने कहा राजस्थान, झारखंड, पंजाब, उत्तरप्रदेश हो या दक्षिण और पूर्वोत्तर सब जगह कृषि कार्य, उत्पादन के साथ तकनीकी में भी भिन्नता हैं। देश की जीडीपी ग्रोथ को बढ़ाने में कृषि क्षेत्र का विशेष महत्व होने के साथ ग्रामीणों के रोजगार का भी प्रमुख आधार हैं।


मोदी सरकार की ओर से लागू की गई जीएसटी भी सफल नही हो पा रही हैं, इसके लिए भी कई संशोधन किए गए फिर भी कोई राहत नहीं मिल सकी। देश मे बढ़ती मंहगाई पर चुटकी लेते कहा कि अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात करो तो कहती हैं मैं प्याज नही खाती। जब ऑटोमोबाइल क्षेत्र में गिरावट पर पूछो तो उनका जबाब अब लोग कैब से सफर करते हैं, इसलिए कारें नही बिकती। रही बात एफडीआई की तो उसको तो प्रधानमंत्री भी नहीं समझ पाए हैं तो मैं इस पर क्या बोलूं।


खूब किया स्वागत

राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने के बाद पहली बार अपने गृह नगर आए डॉ. गौरव वल्लभ का नगरपालिका अध्यक्ष समुदेवी साँखला के नेतृत्व में साफा पहनाकर माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। डॉ. गौरव ने अपने परिवार में दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सांत्वना व्यक्त की।



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