जोधपुर. इन दिनों जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय पर जेडीए को ३९ बीघा जमीन इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर के लिए देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वर्ष २०१७-२०१८ में कनवेंशन सेंटर जेडीए की विवेक विहार में स्वयं की जमीन पर बनाने के लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई। राजमाता विजयाराजे सिंधिया इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर नाम रखकर उसके लिए बीड भी निकाली गई। जेडीए के अधिकारियों ने गुजरात में गांधी नगर स्थित कनवेंशन सेंटर का दौरा कर वहां व्यवस्थाओं व सुविधाओं का भी जायजा ले लिया था लेकिन २०१८ में सरकार बदलते ही यह मामला ठंडा पड़ गया।
विवेक विहार में 38 बीघा भूमि आवंटित
राष्ट्रीय राजमार्ग से सौ मीटर अंदर दायीं ओर २५ बीघा जमीन कनवेंशन सेंटर बनाने के लिए चिह्नित की गई। जमीन कम पडऩे पर विवेक विहार में हेबिटेट सेंटर की १३ बीघा जमीन और इसमें डाली गई। यहां हैंडीक्राफ्ट व्यवसायियों के लिए आर्ट गैलेरी, स्पोट्र्स एकेडमी, रेस्तरां, होटल, ५००, १०००, १५०० और २००० लोगों के लिए अलग-अलग कॉन्फ्रैंस रूम व बैंक्विट हॉल, पार्क सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने का मॉडल बनाया गया था।
पहले पॉलिटेक्निक की १० बीघा जमीन ली, अब जेएनवीयू की ३९
शुरुआत में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में कनवेंशन सेंटर बनाने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार ने १० बीघा जमीन के लिए कॉलेज से एमओयू किया था। कॉलेज में कनवेंशन सेंटर के विरोध के बाद तब जेडीए ने विवेक विहार में स्वयं की जमीन पर इसे बनाने की योजना बनाई थी। अब जेएनवीयू से ३९ बीघा जमीन मांगी जा रही है।
‘हमने जेएनवीयू को विकल्प दिया है। अगर वे जमीन नहीं देंगे तो हम कहीं और जगह तलाश कर लेंगे। विवेक विहार मामले में मैं टिप्पणी नहीं कर सकता।’
- कमर चौधरी, आयुक्त, जोधपुर विकास प्राधिकरण
‘जेडीए की स्वयं की हजारों बीघा जमीन मौके पर है। शिक्षण संस्थाओं की जमीन हड़पना बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। मैंने विवेक विहार में कनवेंशन सेंटर बनाने की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन सरकार बदलते ही उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।’
- प्रो महेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व अध्यक्ष, जेडीए
‘हम बगैर भुगतान लिए जेडीए को जमीन नहीं देंगे। वैसे हमने इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।’
- प्रो पीसी त्रिवेदी, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2MyjK0a
0 comments:
Post a Comment