जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीकानेर, अलवर तथा भीलवाड़ा सहित जोधपुर में एक अतिरिक्त कॉमर्शियल कोर्ट सृजित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। हाईकोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह तथ्य बताए जाने पर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द अधिकतम छह सप्ताह में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान बताया गया कि रजिस्ट्रार जनरल ने चार नए कोर्ट सृजित करने का प्रस्ताव भेज दिया है। रजिस्ट्रार (रूल्स) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार कानूनन प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक कॉमर्शियल कोर्ट का गठन जरूरी है, लेकिन लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए सभी जिला मुख्यालयों पर कॉमर्शियल कोर्ट गठित करना फिलहाल उपयोगी नहीं है।
प्रस्ताव के मुताबिक बीकानेर में नया कॉमर्शियल कोर्ट गठित होने पर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू तथा बीकानेर जिलों के लंबित 869 प्रकरणों की सुनवाई हो सकेगी। इसी तरह जोधपुर में लंबित 1933 प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण का मार्ग प्रशस्त होगा। अलवर में कोर्ट सृजित होने से झुंझुनू, भरतपुर, धौलपुर तथाा करौली के लंबित 646 तथा भीलवाड़ा में राजसमंद और चित्तौडगढ़़ जिलों के 415 लंबित प्रकरणों का निस्तारण संभव हो सकेगा। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने आश्वस्त किया कि हाईकोर्ट प्रशासन के प्रस्ताव पर शीघ्र उचित निर्णय लिया जाएगा।
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