जोधपुर.
बाड़मेर जिले के सीमावर्ती बींजराड थानान्तर्गत आरबी की गफन गांव में बरामद ७ किलो हेरोइन पाकिस्तान के दो कुख्यात तस्करों ने भारतीय सीमा तक पहुंचाई थी। हेरोइन स्थानीय तस्करों के जरिए पंजाब में सप्लाई होनी थी। मामले में गिरफ्तार बच्चू खां उर्फ बचाया से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इधर, एटीएस-एसओजी ने पाकिस्तान के तस्करों से हेरोइन की खेप लेने वाले एक व्यक्ति को बुधवार को गिरफ्तार किया।
सूत्रों के अनुसार एटीएस ने सोमवार देर रात भारत-पाक सीमा से करीब तीन किमी अंदर स्थित आरबी की गफन गांव में बच्चू खां उर्फ बचाया को गिरफ्तार कर सात किलो हेरोइन जब्त की थी। उसे कोर्ट में पेश कर २२ फरवरी तक रिमाण्ड पर लिया गया है। कोर्ट ने उसे हथकड़ी लगाने की अनुमति दी है। एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश उज्ज्वल व एसओजी के एएसपी कमलसिंह पूछताछ कर रहे हैं।
पूछताछ में सामने आया कि भूगरिया गांव निवासी हलिया ने बच्चू खां को हेरोइन पंजाब पहुंचाने के लिए सौंपी थी। हलिया को यह हेरोइन भारत-पाक सीमा से हेरोइन लाने वाले आरबी की गफन निवासी मीरे खां (४८) पुत्र अकलू खां ने दी थी। पाकिस्तान निवासी फोटिया उर्फ फोटा खां व अमरकोट निवासी बादल खां हेरोइन पहुंचाने भारतीय सीमा तक आए थे। हलिया व अन्य की तलाश की जा रही है। मीरे खां को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रिश्ते में भाई हैं मीरे खां व बादल खां
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान निवासी बादल खां एसओजी की गिरफ्त में आए मीरे खां का बुआ का बेटा है । मीरे खां ने हलिया के मार्फत बच्चू खां तक हेरोइन पहुंचाई थी। अब तक की पूछताछ में मीरे खां व बच्चू खां ने पहली बार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल होना स्वीकारा है। यह एसओजी के गले नहीं उतर रहा।
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