जोधपुर. एक तरफ जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय को अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन देने के फाके पड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ विवि में ही किराए पर ली गई एक टैक्सी कार के व्यर्थ में ही 1.25 लाख रुपए से अधिक का भुगतान कर दिया गया है। यह कार वित्त नियंत्रक के लिए किराए पर ली गई थी। उनका पद चार महीने से खाली है। जब तक वित्त नियंत्रक नहीं आएगा, जेएनवीयू शाही अंदाज में खड़ी कार के पैसे देता रहेगा।
जेएनवीय में वित्त नियंत्रक राज्य लेखा सेवा का अधिकारी होता है। वर्तमान में उसके लिए विवि में स्थाई गाड़ी नहीं है इसलिए एक कार टैक्सी मासिक 33000 रुपए पर किराए पर ले रखी है। यह वित्त नियंत्रक के सरकारी कार्यों में उपयोग में आती है। जेएनवीयू के अंतिम वित्त नियंत्रक अभिमन्यु सिंह का स्थानांतरण अजमेर हो जाने की वजह से वे 30 सितम्बर 2020 को कार्यमुक्त हो गए थे लेकिन कार टैक्सी को विवि ने कार्यमुक्त करना जरुरी नहीं समझा। तब से लेकर अब तक विवि प्रशासन कार के पेटे हर महीने 33 हजार रुपए का भुगतान करता जा रहा है। इस महीने के अंत तक यह आंकड़ा 1.50 लाख रुपए हो जाएगा।
कार्यवाहक वित्त नियंत्रक के पास अपनी सरकारी कार
विवि में वित्त नियंत्रक का कार्यभार वर्तमान में कृषि विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक मंगलाराम विश्नोई के पास है। वे कृषि विवि से ही अपनी सरकारी कार में जेएनवीयू आते-जाते हैं।
नए वित्त नियंत्रक की आस में हर रोज फूंक रहे 1100 रुपए
इस मामले पर विवि के अधिकारियों का हास्यास्पद तर्क यह है राज्य सरकार कभी भी विवि में वित्त नियंत्रक की नियुक्ति कर सकती है। नए वित्त नियंत्रक को आते ही कार चाहिए होगी इसलिए कार का टैंडर खत्म नहीं किया जा रहा है। नए वित्त नियंत्रक की आस लगाए बैठा विवि उसके इंतजार में हर रोज 1100 रुपए फूंक रहा है।
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‘राज्य सरकार वित्त नियंत्रक की कभी भी नियुक्ति कर सकती है इसलिए गाड़ी को रिटर्न नहीं किया जा रहा है। वैसे हमने उससे 7 हजार रुपए प्रति महीना कम करवा दिया है।’
- मंगलाराम बिश्नोई, कार्यवाहक वित्त नियंत्रक, जेएनवीयू
‘मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं मामले को दिखवाता हूं।’
- प्रो पीसी त्रिवेदी, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर
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