इंडेप्थ स्टोरी
जोधपुर. कोविड के प्रति जागरूकता और सतर्कता दिखाने के बीच चिकित्सा अधिकारी अन्य लक्ष्यों को नजरंदाज कर गए। निदेशालय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को यह नागवार गुजरा है। 14 जिलों के चिकित्सा अधिकारियों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही अब 17 सीसीए नियम के तहत कार्रवाई के लिए भी चेतावनी दी गई है।
निदेशक आरसीएच डॉ. एलएस ओला के अनुसार नवंबर 2020 तक की प्रगति की मिशन निदेशक ने समीक्षा की। पूर्ण टीकाकरण, प्रसव पूर्व तीन जांच, 4 एएनसी चैकअप व 12 सप्ताह पंजीयन की उपलब्धि, नसबंदी की उपलब्धि, इएलए लक्ष्यों के विरूद्ध काफी कम है। इसके लिए आरसीएचओ व एडिशनल सीएमएचओ से स्पष्टीकरण मांगा गया, जो संतोषजनक नहीं था। कुछेक ने तो स्पष्टीकरण तक नहीं दिया।
इन्हें मिला नोटिस
दौसा आरसीएचओ डॉ. रामफल मीना, अलवर आरसीएचओ डॉ. अरविंद गेट, जयपुर द्वितीय आरसीएचओ डॉ. पुष्पा चौधरी, आरसीएचओ जयपुर प्रथम डॉ. प्रवीण झरवाल, भरतपुर आरसीएचओ डॉ. अमरसिंह, आरसीएचओ प्रतापगढ़ डॉ. दीपक मीना, प्रतापगढ़ के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. धर्मेन्द्र आर्य, आरसीएचओ डूंगरपुर डॉ. कांति लाल, डूंगरपुर के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. विपिन मीना, आरसीएचओ चुरू डॉ. अहसीन गौरी, चुरू के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. देवकरण, आरसीएचओ बूंदी डॉ. जेपी मीना, बूंदी के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र त्रिपाठी को नोटिस जारी हुए। इसी प्रकार आरसीएचओ झुंझनूं डॉ. दयानंदसिंह, आरसीएचओ जोधपुर डॉ. कौशल दवे, जोधपुर के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. रामनिवास सेवर, बीकानेर डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ. योगेन्द्र तनेजा, श्रीगंगानगर के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता, बारां के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. सीताराम वर्मा, टोंक के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. मेहबूब को अंतिम कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2NBKzkg
0 comments:
Post a Comment