जोधपुर।
पड़ौसी राज्यो की तुलना में प्रदेश की कृषि मंडियों में मंडी शुल्क दर ज्यादा होने, कृषक कल्याण शुल्क व नए कृषि कानून से मंडी के बाहर व्यापार बढऩे से राज्य सरकार को मंडी टेक्स के रूप में मिलने वाले राजस्व का जोरदार फटका लग रहा है। प्रदेश की कृषि मंडियों में तीन तिमाहियों में टेक्स संग्रहण घटने से मंडियों में वर्ष भर में 100 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। जोधपुर की बात करे तो मंडोर कृषि उपज मंडी में गत आठ माह में पिछले वर्ष की तुलना में तीन करोड़ रुपए से अधिक का मंडी टेक्स का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है।राजस्थान में कृषक कल्याण शुल्क के रूप में अतिरिक्त मंडी टेक्स लगाने तथा नए कृषि कानूनों के बाद गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा व कर्नाटक में मंडी टेक्स दर को घटाकर 0.35 प्रतिशत तक न्यूनतम दर पर लाने से राजस्थान की मंडियों व अन्य प्रदेशों की मंडियों में टेक्स दर का अंतर बढऩे व नए कृषि कानूनों के बाद मंडी से बाहर टेक्स मुक्त व्यापार से प्रदेश की मंडियों में व्यापार घटने से मंडी टेक्स संग्रहण में कमी आई है। इससे राज्य सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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कोविड व शुल्क के विरोध में मंडियां बंद रही
टेक्स संग्रहण घटने का एक ओर प्रमुख कारण वैश्विक कोरोना महामारी के कारण मंडियों के बंद रहने व कृषक कल्याण शुल्क के रूप में अतिरिक्त मंडी टेक्स लगने के विरोध में लंबे समय तक मंडियां बन्द रहना भी रहा।
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गत 8 माह में मंडोर मंडी टेक्स संग्रहण की गत वर्ष से तुलना (राशि लाख रुपए में)
माह -- 2019-20 -- 2020-21
अप्रेल -- 146.75 -- 88.07
मई -- 137.58 -- 101.5
जून -- 141.42 -- 125.47
जुलाई -- 100.32 -- 80.84
अगस्त -- 94.47 -- 67.64
सितम्बर -- 95.00 -- 63.57
अक्टूबर -- 107.93 -- 59.97
नवम्बर -- 141.72 -- 67.15
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कुल -- 965.19 -- 654.21
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नए कृषि कानून के कारण व्यापार मंडी के बाहर शिफ्ट होना व कोविड महामारी में मांग घटने के कारण इस बार मंडी टेक्स के रूप में कम राजस्व प्राप्त हुआ।
सुरेन्द्रसिंह राठौड़, सचिव
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी मण्डोर, जोधपुर
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सरकार की गलत नीति के कारण मंडी शुल्क का नुकसान हो रहा है। कृषि कल्याण शुल्क के कारण व्यापार मंडी के बाहर शिफ्ट हो रहा है। इसमें सरकार की मंडियों को खत्म करने की मंशा नजर आ रही है।
पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष
जोधपुर जीरा मंडी व्यापर संघ
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राजस्थान में सभी प्रदेशों से ज्यादा मंडी टेक्स है, इससे प्रसंस्करण इकाइयों को अन्य प्रदेशों की मंडियों की अपेक्षा कच्चा माल महंगा मिलता है। व्यापार हतोत्साहित होकर पड़ोसी राज्यों में जा रहा है, इससे किसानों को नजदीक में प्रतिस्पर्धा बाजार नहीं मिलता, वहीं प्रदेश सरकार को टेक्स का भी बड़ा नुकसान हो रहा है।
तुलछाराम सिंवर,प्रांत प्रचार प्रमुख
भारतीय किसान संघ
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