जोधपुर। गांवों और ढाणियों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए अब ग्रीन एनर्जी का भी सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बजट में राज्य के फ्लोराइड प्रभावित 1250 गांवों एवं ढाणियों में चरणबद्ध रूप से सौर ऊर्जा से संचालित डिफ्लोराइडेशन यूनिट लगाने की घोषणा की गई थी। जिले में करीब 55 कार्यों को इसके तहत स्वीकृति जारी की गई है। इसमें 39 में सोर्सड्रिलिंग का कार्य हो चुका है और 17 स्थानों पर डिफ्लोराइडेशन यूनिट लगा दी गई है। जिला कलक्टर इंद्रजीत सिंह के अनुसार गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए टाइम लाइन में इन कार्यों को समय पर पूरा करने की मॉनिटरिंग की जा रही है।
सौर ऊर्जा से चलेंगे 100 ट्यूबवेल
मुख्य अभियंता पीएचईडी नीरज माथुर ने बताया कि 200 करोड़ की लागत से प्रदेशभर में सौर ऊर्जा से चलित ट्यूबवैल लगाने की घोषणा की गई थी। जिले में 100 ट्यूबवेल स्वीकृत किए गए, इनमें से 68 में खुदाई का कार्य पूरा हो चुका है और इन्हें चालू किया जा रहा है। 32 ट्यूबवेल का कार्य भी जल्द शुरू होगा।
37 वंचित गांव पाइप लाइन से जुडेंग़े
जिले में वंचित रहे गांवों को पेयजल लाइन से जोडऩे के लिए डीपीआर तैयार कर 25 योजनाओं के तहत जोधपुर में 37 गांवों में पाइप लाइन डाली जानी है। 20 गांवों के लिए स्वीकृति जारी की जा चुकी है। १० गांवों में कार्य प्रगति पर है।
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