जोधपुर. बर्ड फ्लू की आशंका के बीच मुख्यमंत्री के गृह जिले के दो शीर्ष भारतीय वन सेवा अधिकारियों को अचानक हटाकर अन्यत्र भेजने से जिले का वनविभाग में हडक़म्प मच गया है। वन मुख्यालय में पद स्थापित सहायक वन संरक्षक विकास अरोड़ा को पांच डीएफओं का चार्ज मिला है। इनमें डीएफओ एडमिनेस्ट्रशन, डीएफओ लीगल, डीएफओ वादकरण और डीएफओ वर्र्किंग प्लान का चार्ज पहले से ही सहायक वन संरक्षक अरोड़ा के पास है। अब डीएफओ मुकेश सैनी के उदयपुर ट्रांसफर के बाद जोधपुर डिविजन डीएफओ का चार्ज भी अरोड़ा को दे दिया गया है।
डीएफओ ही नहीं तो इनकी मॉनिटरिंग कौन करेगा
जिले में होने वाले वन्यजीव शिकार, अवैध कटान, अवैध आरा मशीन संचालन, वनविभाग की ओर से आरएफबीपी, कैम्पा के विकास कार्यों की मॉनिटरिंग भी पूरी तरह प्रभावित होंगे।
वन मुख्यालय में पद स्थापित सहायक वन संरक्षक विकास अरोड़ा को पांच डीएफओं का चार्ज मिला है। इनमें डीएफओ एडमिनेस्ट्रशन, डीएफओ लीगल, डीएफओ वादकरण और डीएफओ वर्र्किंग प्लान का चार्ज पहले से ही सहायक वन संरक्षक अरोड़ा के पास है। अब डीएफओ मुकेश सैनी के उदयपुर ट्रांसफर के बाद जोधपुर डिविजन डीएफओ का चार्ज भी अरोड़ा को दे दिया गया है।
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