भोपालगढ़. उपखण्ड क्षेत्र के ओस्तरां गांव के पाबूजी के थान पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह एवं ज्ञानयज्ञ महोत्सव में भाग लेने के लिए ओस्तरां सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से श्रद्धालुओं का सैलाब सा उमड़ रहा है और चहुंओर गूंज रहे भक्ति संगीत व भजन-कीर्तनों से इस गांव की समूची आबोहवा ही धर्ममय बन गई है।
इस दौरान शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथावाचक संत प्रेम हरि महाराज ने कहा कि भगवान की लीला का कोई पार नहीं है। भगवान हमारे हृदय में निवास करते है, जबकि हम उन्हें देख नहीं पाते है। भगवान के प्रति अगर सच्ची श्रद्धा हो तो भगवान भक्तों के हर संकट को दूर करते हैं। इसलिए हमें हरसमय भगवान की भक्ति में लीन हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हर साल अपनी कमाई की हुई राशि में से कुछ हिस्सा दान-पुण्य में जरुर लगानी चाहिए। इस दौरान संत प्रेमहरि महाराज के भजनों की प्रस्तुति के समय समूचे पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। वहीं रात्रि समय में कथास्थल पर नैनीबाई के मायरे की कथा का वाचन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रवचनों के मौके पर अलग-अलग तरह की मनमोहक व संजीव झांकियों को देखकर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं भागवत कथा में आने वाले श्रद्धालु ग्रामीणों की ओर से गोसेवा में भी जमकर सहयोग राशि दी जा रही है। शुक्रवार को भागवत कथा में सरपंच जानकीदेवी धेडू, समाजसेवी अर्जुनराम धेडू, जितेन्द्रसिंह ओस्तरां, पूर्व सरपंच दानाराम सारण, महिपाल कास्वां, रामपाल पचार, सोनू पचार, बाबूराम सारण, जालाराम सोऊ व मांगीलाल सारण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। (निसं)
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