जोधपुर. जोधपुर के तहसीलदार (भू अभिलेख) ने सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई) को कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस सिस्टम (कोरस) स्टेशन स्थापित करने के लिए जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराना परिसर स्थित विधि संकाय के पास की जमीन आवंटित कर दी। विवि को इसकी जानकारी ही नहीं है। दस्तावेजों के अनुसार बतौर राज्य सरकार एजेंसी तहसीलदार और केंद्र सरकार की एजेंसी के रूप में सर्वे ऑफ इंडिया ने ओल्ड कैंपस का निरीक्षण कर मौका रिपोर्ट बनाकर उसको पास कर दिया। यह मौका रिपोर्ट कोरोना काल के समय मार्च-अप्रेल में तैयार की गई थी, जिस समय विवि में न कोई कर्मचारी-शिक्षक आते थे और न ही छात्र। बुधवार को कोरस स्टेशन स्थापित करने ओल्ड कैंपस पहुंचे एसओआई कार्मिकों को माप-तौल करते देख विवि के कर्मचारियों ने टोका तब जाकर पोल खुली और सच्चाई सामने आई।
कोरस स्टेशन केंद्र सरकार स्थापित कर रही है। इसके लिए जमीन का आवंटन राज्य सरकार कर रही है। देश में यह कार्य राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर 28 फरवरी 2020 से शुरू हुआ। मार्च में कोरोना लॉकडाउन लागू हो गया। एसओआई अधिकारी अप्रेल में जोधपुर स्थित तहसीलदार कार्यालय पहुंचे और ओल्ड कैंपस में सर्वे करने के लिए कहा। सूत्रों के अनुसार तहसील भवन से कोई साथ नहीं गया। एसओआई कार्मिकों ने मौका रिपोर्ट बना दी, जिस पर तहसील भवन से तहसीलदार के हस्ताक्षर फॉर करके किसी अन्य कर्मचारी ने कर दिए।
क्या है कोरस स्टेशन
सर्वे ऑफ इंडिया देश में एक हजार से अधिक कोरस स्टेशन स्थापित कर रही है जो भूमि का माप जीपीएस और नाविक सिस्टम से करेंगे और सभी एक-दूसरे से कनेक्ट रहेंगे। इससे बड़ी आधारभूत संरचनाओं के प्रोजेक्ट तैयार करने और राजस्व नक्शों के अपडेशन में आसानी रहेगी। राजस्थान में ऐसे 87 कोरस स्टेशन होंगे। प्रत्येक कोरस स्टेशन ग्रिड्स के माप के अनुसार आपस में जुड़ा रहेगा। जोधपुर शहर में एकमात्र स्टेशन के लिए जमीन ओल्ड कैंपस में आई। यह मोबाइल टावर के समान पांच गुणा पांच आकार का स्टेशन है।
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कोरोना काल में कोई मिलने को तैयार ही नहीं था
सर्वे के समय कोरोना काल चल रहा था। उस समय हमसे कोई भी अधिकारी मिलने के लिए तैयार ही नहीं था। हमने निरीक्षण रिपोर्ट में ओल्ड कैंपस की जमीन को सही पाया। हमें तो राज्य सरकार से जमीन लेनी है। अगर विवि जमीन नहीं देता है तो हम अन्यत्र भी कोरस स्टेशन स्थापित कर सकते हैं।
- दिवाकर पाठक, डिटेचमेंट ऑफिसर, सर्वे ऑफ इंडिया जयपुर
मुझे पता ही नहीं, बाबू ने हस्ताक्षर कर दिए
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। इस पर कार्यालय के किसी बाबू ने फॉर करके हस्ताक्षर कर दिए हैं।
- रमेश कुमार माली, तहसीलदार जोधपुर
विवि की अनुमति नहीं है
जब एसओआई के कर्मचारी यहां काम करने पहुंचे और हमनें पूछताछ की तब मामला सामने आया। विवि की जमीन है। बगैर विवि अनुमति के कोई आवंटित नहीं कर सकता।
- ओपी गर्ग, सहायक कुलसचिव, विधि संकाय, जेएनवीयू जोधपुर
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