जोधपुर. वे कम उम्र में अपना नाम छोड़ गए। वे मंत्र दे गए उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको। वे जीवन जीने की कला सिखा गए। वे थे स्वामी विवेकानन्द। उन्हीें की याद में हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं। युवाओं के असली रोल मॉडल भी माने जाते हैं। सिर्फ देश ही नहीं विदेशों तक में डंका बजाया। उन्हीं से प्रेरणा लेकर और उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए शहर के कुछ युवा हैं जो लीक से कुछ हटकर करने का इरादा रखते हैं। जब हर कोई अपने व्यापार, नौकरी और कॅरियर निर्माण में लगा रहता तो उसी दौर में कुछ लोगों के सिर पर सेवा का जुनून भी चढ़ जाता है। एेसे ही जुनूनी लोग जो अकेले चले या समूह में, अपनी छाप छोड़ी। कुछ एेसे लोगों की कहानियां ...।
सडक़ सुरक्षा पर एस-3 कर रही है जागरूक
आम लोगों को सडक़ सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए राज्य सरकार के परिवहन निरीक्षक भरत जांगिड़ पिछले 10 साल से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। डेढ़ साल पहले उन्होंने स्वयं की सडक़ सुरक्षा समिति (एस-3) बनाई, जो स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक उपक्रमों में लोगों को सडक़ पर सुरक्षित चलने के साथ सडक़ पर दुर्घटनाओं से बचने के लिए जागरूक कर रही है। भरत अब तक 350 से अधिक सडक़ सुरक्षा के बारे में पीपीटी प्रजेंटेशन दे चुके हैं। भरत कहते हैं कि सडक़ पर स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरों की गलतियों से बचते हुए सुरक्षित चलना भी महत्वपूर्ण है। अब तक एस-3 से 20 से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।
विवेकानन्द से प्रेरित युवाओं का राष्ट्र प्रेम
युवाओं की टीम उड़ान फाउंडेशन पिछले 7 साल से सेवा कार्यों में जुटी है। स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर ये युवा कोरोना काल में जरूरतमंदों तक हर प्रकार की मदद पहुंचाने के प्रयास में जुटे। अध्यक्ष वरूण धनाडिया ने बताया कि दो माह तक टीम के सदस्यों ने विषम परिस्थितियों में राशन सामग्री, दवाइयां व अन्य सामान पहुंचाया। राजेंद्र कुमावत, गगन, जितेन, कुणाल धनाडिया, भरत जांगिड, निर्भीक डोयल, चिराग़ लाहोटी, दुष्यंत व्यास व अन्य ने मूक पशु-पक्षियों की सेवा की। जब उड़ान का गठन किया तो सोचा नहीं था कि इसका स्वरूप इतना बड़ा होगा। लेकिन धीरे-धीरे भरत परिहार, रोहित चुगानी, अविन छंगानी भरत लोहिया, दीपेश भाटी, सौरभ गौर, दुष्यंत खिची, सुमित बोराणा, गौरव परिहार, आदित्य लोहिया सहित अन्य युवा इससे जुड़े और 200 से भी ज्यादा युवाओं की टीम बन गई है।
लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए बसें लगा दी
लॉकडाउन में जब कई लोग जोधपुर में फंस गए तो घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बसे उपलब्ध कराई। 35 हजार से ज्यादा मास्क बांंटे और टोको कोरोना रोका अभियान में बड़े भागीदार रहे। एफएफओआई के अध्यक्ष आदर्श शर्मा, भवानी सिंह शेखावत के नेतृत्व में विशाल पुरोहित, मृणाल गौड, विक्की शर्मा व अभिषेक शर्मा की युवा टीम ने न सिर्फ राशन सामग्री वितरण की। बल्कि मास्क नहीं पहनने वालों को गुलाब का फूल देकर नियमों की पालना करने की सीख दी।
खून की कमी से ना उठे माता-पिता का साया
समय पर रक्त की व्यवस्था हो जाती तो शायद मेरे सिर से माता-पिता का साया नहीं उठता। परिजनों व बड़े भाइयों से बचपन से लगातार सुनी यह बात दिल में घर कर गई और संकल्प लिया की रक्त की कमी से किसी जरूरतमंद को अपनी जान नहीं गंवानी पड़े। बाबा रामदेव समाज सेवा संस्था के अध्यक्ष करणसिंह राठौड़ बताते हैं कि वर्ष 2007 से 10 जनवरी 2021 तक 537 रक्तदान शिविरों के माध्यम से सरकारी अस्पतालों के रक्तकोष में 32 हजार यूनिट जमा कराया।
दोस्त को मुश्किल से मिला रक्त, सबक लेकर बनाया संस्थान
खून नहीं मिलने से काफी बार लोगों को परेशान होते देखा जाता है। २4 वर्षीय रजत गौड़ व 26 वर्षीय रवि तिवाड़ी ने इससे सबक लिया। 5 वर्ष पहले उनके एक दोस्त को रक्त की जरूरत पडऩे पर उन्हें काफी चप्पलें घिसनी पड़ी। इस घटना से सबक लेकर उन्होंने लाल बून्द जिंदगी संस्था बना ली। इस गु्रप में आज 10 हजार से अधिक युवा जुड़े हुए हैं, जो जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करते हैं। संस्थान अब तक 25 हजार यूनिट रक्तदान करवा चुका है। साथ ही प्लाज्मा व प्लेटलेट्स डोनेशन भी संस्था करवाती है। इसके अलावा उनकी संस्था हर माह थैलेसीमिया पीडि़त बच्चों के लिए रक्तदान शिविर भी आयोजित करती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2LFnzjk
0 comments:
Post a Comment