जोधपुर। नगर निगम ने शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए स्थान अधिसूचित करने सहित विभिन्न स्थानों पर उनके पुनर्वास को समन्वित कार्ययोजना में शामिल करते हुए पालना रिपोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट में पेश कर दी है। कोर्ट ने समन्वित योजना की प्रति तीन दिन में अन्य पक्षकारों को देने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 9 फरवरी को मुकर्रर की है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश रामेश्वर व्यास की खंडपीठ में सरदार मार्केट गिरदीकोट व्यापार संस्था की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान निगम की ओर से अधिवक्ता राजेश पंवार ने बताया कि 11 नवंबर के आदेश की पालना में समन्वित योजना तथा पालना रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में 5 अक्टूबर, 2015 को जोधपुर नगर निगम को छोटे एवं स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अलग से वेंडिंग जोन बनाने के निर्देश दिए थे। वेंडिंग जोन में पानी, बिजली तथा अस्थायी शेड्स का निर्माण करने को कहा गया था। कोर्ट ने ओल्ड स्टेडियम के पास, जेडीए चौराहे के सामने, रातानाडा सब्जी मंडी के पास या किसी भी उपयुक्त स्थान पर वेडिंग जोन बनाने के विकल्प खुले रखे थे और निर्देश दिए थे कि एक बार वेंडिंग जोन घोषित करने के बाद सरदार मार्केट को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। सरदार मार्केट में अनाधिकृत रूप से कब्जा करके बैठे वेंडर्स की शिफ्टिंग के लिए कहा गया था। इसके बाद 4 अक्टूबर, 2016 को सुनवाई के दौरान नगर निगम ने बताया कि एक कंसल्टेंट के माध्यम से शहर के वार्डों में वेंडर्स का सर्वे किया गया है, जिसके अनुसार इनकी संख्या करीब 6000 है। कोर्ट ने इस सर्वे के आधार पर निगम को वेंडिंग जोन की योजना बनाते हुए उस पर 31 दिसंबर, 2016 तक अमल करने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2016 से लेकर अब तक निगम ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2MdYegu
0 comments:
Post a Comment