जोधपुर.
नगर निगम में सेक्टर प्रभारी व महिला सफाईकर्मी का ऑडियो वायरल होने और छुट्टी के बदले कथित अस्मत मांगने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को पीडि़ता के बयान दर्ज करने के साथ ही जांच शुरू की। उधर, पीडि़ता ने पुलिस कमिश्नर जोस मोहन के समक्ष एक और परिवाद पेश किया है। जिसे शामिल पत्रावली किया गया।
जांच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त मानाराम गर्ग ने बताया कि प्रकरण में पीडि़ता की ओर से निगम आयुक्त के समक्ष पेश शिकायत के आधार पर बुधवार रात एफआइआर दर्ज की गई थी। पीडि़ता के गुरुवार को सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज किए गए। अब पीडि़ता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए जाएंगे। उसके आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस वारदातस्थल का मौका मुआयना भी करेगी।
आरोप : पहले दबाव फिर ऑफिस में छेड़छाड़
उधर, राजीव गांधी सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ पीडि़ता गुरुवार को पुलिस कमिश्नर जोस मोहन के समक्ष पेश हुईं। महिला सफाईकर्मी ने पुलिस कमिश्नर को मामले के संबंध में परिवाद सौंपा और कार्रवाई की मांग की। सफाईकर्मी का आरोप है कि भाई के छत से नीचे गिरने व अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर उसने अवकाश मांगा था, लेकिन सेक्टर प्रभारी ने मोबाइल पर अश्लील बातचीत की और अवकाश के बदले अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाला था। फिर जब वह अवकाश के लिए वार्ड में कार्यालय पहुंची तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ भी की थी। विरोध करने व चिल्लाने की आवाज सुन बाहर मौजूद मां व अन्य महिलाएं वहां आईं थी और आरोपी की पिटाई की थी।
आरोप : गलत शिकायत पर हस्ताक्षर से एफआइआर कराई
उधर, सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कण्डारा का आरोप है कि पीडि़ता ने निगम में परिवेदना कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराए। कुछ लोगों ने घर के पास स्थानान्तरण कराने का झांसा देकर गलत शिकायत पत्र में पीडि़ता के हस्ताक्षर कराकर निगम आयुक्त को भेजी थी और फिर उसी के आधार पर मामला दर्ज कराया। पीडि़ता ने एक अन्य शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
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