जोधपुर. जोधपुर जिले के खींचन में शीतकाल के दौरान प्रवास पर आने वाले कुरजां समूह के लीडर की शुक्रवार को मौत हो गई। पिछले कई दिनों से बीमार ग्रुप लीडर पर क्षेत्र के पक्षी चुग्गाघर के सेवादार सेवाराम लगातार नजर बनाए थे लेकिन चलने फिरने और उड़ान भरने में असमर्थ होने पर उसे पशुपालन विभाग के चिकित्सक भागीरथ सोनी के पास उपचार के लिए भेजा गया जहां शुक्रवार को ग्रुप लीडर कुरजां की मौत हो गई। पशु चिकित्सक ने कुरजां की मौत बर्ड फ्लू से होने से साफ इनकार किया है। चुग्गा घर के सेवादार सेवाराम माली ने बताया कि कुरजां समूह का नेतृत्व पिछले चार साल से एक टांग टूटी हुई दिव्यांग कुरजां करती आ रही थी। पिछले चार साल से शीतकाल से पूर्व खींचन चुग्गा घर में सबसे पहला आगमन उसी का होता रहा है। यही ग्रुप लीडर मैदान में आवाज, दृष्टि और गंध संकेत के माध्यम से श्वान अथवा किसी भी तरह का खतरा होने पर अन्य साथियों को सावधान रहने का ईशारा भी करता रहा है।
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