जोधपुर।
विश्व में बढ़ रही खाद्यान्न की समस्या और फास्ट फूड के कारण लोगों में बढ़ रहे कुपोषण के चलते दुनिया के तमाम देशों सहित भारत भी चिन्तित है। इसी समस्या के समाधान के लिए देशभर में कृषि में नए अनुसंधान व तकनीकी पर काम किया जा रहा है और भविष्य में पौष्टिकता, गुणवत्तायुक्त फसलों के लिए रिसर्च किए जा रहे है। जिनको भविष्य का सुपर फूड कहा जा रहा है। इन सुपर फूड फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता, पौष्टिकता आदि बढ़ाने पर मण्डोर स्थित जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में रिसर्च चल रहा है। इन फसलों पर हो रहा शोधविश्वविद्यालय में मुख्य रूप से चिया व क्विनोवा पर काम चल रहा है। वहीं इनके अलावा भविष्य के सुपर फूड के रूप में माने जा रहे असालिया व राजगिरा पर भी काम हो रहा है। विश्वविद्यालय में इन फसलों के उत्पादन व वैरायटियों की उन्नत तकनीकों पर रिसर्च चल रहा है।
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पूर्व में मिल चुका है प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विश्वविद्यालय को वर्ष 2016-17 में सुपर फूड्स पर रिसर्च के लिए करीब 76.85 लाख रुपए का फण्ड मिला था। रिसर्च में सकारात्मक परिणाम आए । अब विश्वविद्यालय इन फसलों पर कार्य कर रहा है, वर्तमान में इन फसलों की विभिन्न किस्मों को विकसित करने पर शोध किया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय में सुपर फूड पर काम चल रहा है। वर्तमान में चिया-क्विनोवा की विभिन्न वैरायटियों पर काम चल रहा है।
डॉ. बीआर चौधरी, कुलपति
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर
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