जोधपुर. देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ओपी जैन ने विभाग की ओर से प्रबंधित राजरणछोड़दास मंदिर के पीछे निर्मित 28 दुकानों निरीक्षण कर बेस रेट कम करने के लिए कमेटी गठित करने और प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजने के लिए सहमति प्रदान की है। राजस्थान पत्रिका में गुरुवार को ‘किराएदार के अभाव में एक दशक पूर्व निर्मित 28 दुकानें जर्जर होने के कगार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जोधपुर संभाग के सहायक आयुक्त जतिन गांधी ने अतिरिक्त आयुक्त को बताया कि 28 दुकानें करीब आठ साल से रिक्त होने का कारण बेस किराया करीब 28 हजार यानी प्रतिदिन एक हजार रुपए बनता है। किराया ज्यादा होने के कारण कोई भी किराएदार रूचि नहीं ले रहे हैं। बरसों से दुकानें खाली रहने से अब तक राज्य सरकार को करीब तीन से चार करोड़ के राजस्व का नुकसान भी हो चुका है। प्रदेश के अतिरिक्त आयुक्त ने अव्यवहारिक बेस मूल्यांकन का व्यवहारिक पुनर्निधारण के लिए जिला कलक्टर अथवा अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने और आसपास की दुकानों के प्रचलित किराए के आधार के अनुसार सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा है। यह रिपोर्ट सरकार से अनुमोदित कर लागू की जाएगी। इससे विभाग को हर माह करीब पांच लाख की आय हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रेक्टिकल दृष्टिकोण रखकर ही देवस्थान विभाग की संपदा को बचाया जा सकता है।
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