जोधपुर. भारतीय वायुसेना और फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स के मध्य जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर 20 जनवरी से चल रहे युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट-21 का रविवार को समापन हो गया।
युद्धाभ्यास के लिए जोधपुर आया फ्रांसीसी वायुसेना व स्पेस फोर्स का 175 सदस्यीय दल अपने स्काइरॉस अभियान के अगले चरण के लिए रवाना हो गया। भारत-फ्रांस के मध्य पिछले एक दशक से चल रहे गरुड़ युद्धाभ्यास के छह संस्करण के बाद 20 से 24 जनवरी तक जोधपुर वायुसेना स्टेशन में डेजर्ट नाइट-21 युद्धाभ्यास में पहली बार भारतीय रफाल विमानों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से सुखोई-30, मिराज-2000, रिफ्यूलर टैंकर आईएल-78, अवॉक्स विमान शामिल हुए जबकि फ्रांस की ओर से चार रफाल विमानों के साथ एक रिफ्यूलर टैंकर एअरबस ए-330 एमआरटीटी और एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ए-400 एम शामिल हुआ। पांच दिनों तक दोनों देशों की वायु सेना के पायलट्स और अन्य जवानों ने एक दूसरे के साथ युद्ध कौशल, सामरिक रणनीति और लड़ाकू विमानों की कॉकपिट शेयर करके कई नई तकनीक सीखी। फ्रैंच रफाल से उच्च तकनीक भारतीय रफाल उड़ाने वाले पायलेट्स को सीखने को मिली, वहीं सुखोई-30 उड़ाने वाले भारतीय पायलट से फ्रैंच रफाल पायलट्स को भी काफी कुछ सीखने को मिला।
गौरतलब है कि फ्रैंच एयरफोर्स इस समय अफ्रीकी देश जिबूती में अपने स्काइरॉस अभियान के अंतर्गत तैनात है।
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