जोधपुर. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पदोन्नति के नियम की समीक्षा के लिए गठित कमेटी ने प्रोफेसर बनने के लिए 19 साल की समय सीमा को घटाकर 13 साल कर दिया है। साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर की समय सीमा को भी 13 से घटाकर 8 साल किया है। विश्वविद्यालय की मंगलवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कमेटी की रिपोर्ट को पास कर दिया गया। अब यह विवि की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बोम) की बैठक में रखने के बाद राज्य सरकार को भेजी जाएगी। राजभवन से नोटिफिकेशन के बाद विवि में पहली बार पदोन्नति के नियम लागू हो सकेंगे।
आयुर्वेद विवि की स्थापना 2004 में हुई थी। वर्ष 2010 में सीधी भर्ती से विभिन्न पद भरे गए थे। विवि में अब तक पदोन्नति के नियम नहीं बने थे। वर्ष 2017 में फिर से सीधी भर्ती होने का शिक्षकों ने विरोध किया, तब सरकार ने नियम बनाने की सोची। राजभवन ने पदोन्नति नियम-2019 नोटिफाई करके विवि को भेजे, जिसमें प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए 19 साल और एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए 13 साल का असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव रखा गया। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर के मध्य 6 साल का सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर पद का अनुभव भी अनिवार्य किया गया, जबकि यह पद विवि में नहीं है। मामले की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर के निदेशक डॉ संजीव शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट एकेडमी काउंसिल में सार्वजनिक की।
विवि में खुलेगा नवाचार एवं अनुसंधान केंद्र
विवि में नवाचार एवं अनुसंधान केंद्र खोला जाएगा। इसमें स्नातक विद्यार्थियों द्वारा आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा के संबंध में भेजे गए अनुसंधान के प्रस्तावों में से चयनित पर अनुसंधान किया जाएगा। एकेडमी काउंसिल बैठक में यह निर्णय लिया गया।
महाविद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता
कोविड-19 के कारण इस साल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में फिजिकल निरीक्षण नहीं होने के कारण उनको कुछ शर्तों के साथ ऑनलाइन मान्यता प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा एकेडमिक काउंसिल की बैठक में राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर और सीसीआरएएस नई दिल्ली के साथ हुए एमओयू को अनुमोदित किया गया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2LLFhBK
0 comments:
Post a Comment