HANDICRAFT-------केन्द्र ने खींचे हाथ, ठण्डे बस्ते में गया हैण्डीक्राफ्ट डिजाइनिंग सेंटर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

जोधपुर में बनने वाला हैण्डीक्राफ्ट डिजाइनिंग सेंटर पूरा फण्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण ठण्डे बस्ते में चला गया है। वर्ष 2015 में कपड़ा मंत्रालय की मेगा क्लस्टर स्कीम के तहत यहां के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात को बढ़ावा देने के लिए करीब 100 करोड रुपए आवंटित किए गए थे। डिजाइनिंग सेंटर तैयार करने का जिम्मा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्रोलॉजी (निफ्ट) को दिया गया था। केंद्र ने डिजाइन इनोवेशन एण्ड प्रोडक्ट डवलपमेंट सेंटर के लिए लिए करीब 4.47 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। इसके बाद वर्ष 2016 में निफ्ट को 73 लाख रुपए की पहली किश्त भी आवंटन कर दी गई, लेकिन अब केंद्र सरकार ने फंड जारी करने से हाथ खींच लिए हैं। प्रोजेक्ट के तहत डिजाइन सेंटर के अलावा स्किल डवलपमेंट, मार्केटिंग, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, टूल किट वितरण, रॉ मेटीरियल बैंक आदि विकसित किए जाने थे। यहां के हस्तशिल्प निर्यातक लम्बे समय से डिजाइन सेंटर स्थापित करने की मांग कर रहे थे। केंद्र ने मांग तो मान ली, लेकिन निर्यातकों का मददगार बनने वाला सेंटर बजट की कमी का शिकार हो गया।डिजाइनिंग सेंटर न होने के नुकसानदेश के लकड़ी के कुल हैण्डीक्राफ्ट्स निर्यात में करीब 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले जोधपुर का है। यहां के करीब 850 हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक सालाना लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का कारोबार करते हैं। डिजाइनिंग सेंटर न होने से यहां के निर्यातकों को अपने प्रोडक्ट में नई डिजाइन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से नई डिजाइन लाने में निर्यातकों का समय बर्बाद होता है व खर्च भी अधिक आता है।

-----------

इसलिए केन्द्र ने नहीं ली रुचि

डिजाइनिंग सेंटर के लिए पहली किश्त देने के बाद केन्द्रीय टेक्सटाइल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट में रुचि लेना कम कर दिया। इसकी वजह यह थी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट की ओर से जोधपुर में ही ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बनाया गया, जिसमें भी यह सभी सुविधाएं विकसित होगी। इसको देखते हुए केन्द्र ने टीएफसी में डिजाइनिंग सेंटर की सुविधाओं को देखते हुए प्रस्तावित डिजाइनिंग सेंटर में रुचि लेना कम कर दिया। साथ ही, पहली किश्त के रूप में दिए गए फण्ड को ट्रेनिंग, वर्कशॉप्स व सेमिनार में उपयोग में लेने के लिए कह दिया। बोरानाडा में टीएफसी बनकर तैयार हो गया है, जिसका उद्घाटन अभी होना है।

--

निर्यातकों ने बार-बार की मांग

डिजाइन सेंटर की घोषणा के बाद केन्द्रीय टेक्सटाइल सचिव व हस्तशिल्प विकास आयुक्त कई बार जोधपुर आए और निर्यातकों से विभिन्न मुद्दों पर बैठकें की। बैठकों में निर्यातकों की ओर से डिजाइन सेंटर विकसित करने की बार-बार मांग की गई ताकि नए डिजाइन के अनुसार प्रोडक्ट बने और उनका निर्यात हो सके।

-------

निफ्ट हैण्डीक्राफ्ट डिजाइन सेंटर नहीं बना पाया। जो फण्ड मिला था, निफ्ट उसे मेगा क्लस्टर स्कीम के सॉफ्ट इंटरवेशन प्रोग्राम वर्कशॉप्स, सेमिनार आदि में खर्च कर रहा है। मार्च 2021 में केन्द्र की मेगा क्लस्टर स्कीम की मियाद पूरी हो जाएगी। इसे यदि एक्सटेंशन मिलता है तो यहां के सरकारी व औद्योगिक संगठन सेंटर के लिए प्रस्ताव भेज सकते है। आखिरी फैसला केन्द्र की उच्च स्तरीय कमेटी में ही होगा।

-किरण वीएन, सहायक निदेशक

विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प)

--

केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय ने डिजाइनिंग सेंटर के लिए पहली किश्त के बाद पैसे देने से मना कर दिया। जो फण्ड मिला, उसे ट्रेनिंग वर्कशॉप्स व सेमिनार पर खर्च कर रहे हैं।

-विजया देशमुख, डायरेक्टर

निफ्ट जोधपुर

----



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2JBsyjJ
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment