सरकार के दो साल...अभी करना होगा और इंतजार

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जोधपुर.
सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं। इसे बेमिसाल और जनसेवा के बेहतरीन वर्ष बताए जा रहे हैं। लेकिन जोधपुर के लिहाज से अभी इन वर्षों में हुई घोषणाओं को पूरा होने में कुछ इंतजार करना पड़ सकता है। इसके पीछे कारण पिछले 10 माह कोविड फेज में गुजरे और प्रदेश सरकार के सामने आर्थिक चुनौतियां भी रहीं। हालांकि प्रभारी मंत्री महेन्द्र चौधरी दो सालों में कई कार्य होने का दावा कर गए हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश पूरे इस कार्यकाल में हुए हैं, जबकि उसकी राशि पिछली सरकार के समय ही खर्च होनी शुरू हो चुकी थी।

इनका बेसब्री से इंतजार

1. एलिवेटेड रोड : प्रदेश सरकार ने डीपीआर की घोषणा पूर्व में की। लेकिन बाद में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने इस प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया। हाल ही में सांसद व केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात कर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का आश्वासन ले लिया है।
2. 765 केवी जीएसएस : पश्चिमी राजस्थान में बढ़ते ग्रीन एनर्जी प्रभाव को देखते हुए कांकाणी में 765केवी जीएसएस प्रस्तावित है। वतर्मान जीएसएस को अपग्रेड करने का काम प्रक्रियाधीन है, ऐसे में अभी इंतजार है।

3. ऑडिटोरियम अब आएगा कागजों से बाहर - विश्वस्तरीय ऑडिटोरियम भी बजट घोषणा का हिस्सा है। पॉलिटेक्निक परिसर में इसके लिए जमीन देखी गई है। डीपीआर की स्वीकृत मिल गई है। धरातल पर आने का इंतजार है।
4. नए एसटीपी - तीन नए एसटीपी की घोषणा थी, इनमें से दो की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। बजट मिलेगा तब यह भी कागजों से बाहर आएंगे।

5. दुर्दशा का शिकार टाउन हॉल - जय नारायण व्यास स्मृति भवन की दशा सुधारने के लिए 5 करोड़ की घोषणा हो रखी है। लेकिन इसकी वर्तमान दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है।
6. एक्स्पो आयोजन : निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जोधपुर में एक्स्पो आयोजन की घोषणा हुई। लेकिन कोविड फेज और अन्य प्राथमिकताओं में यह आयोजन दब गया।

7. लीनियर एक्सीलेटर मशीन : 2019 के बजट में मथुरादास माथुर अस्पताल में लीनियर एक्सीलेटर मशीन लगाने की घोषणा हुई। पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए दो बार टैंडर हुए थे, लेकिन कोई नहीं आया। अब रिवाइज करके रिजनल कैंसर सेंटर में इस मशीन के संचालन का निर्णय हुआ है।
8. चिकित्सा सुविधाओं का इंतजार : घोषणा में पीडियाट्रिक कैथ लैब शामिल थी। इसके वर्कऑर्डर जारी हो रखे हैं, लेकिन बनना बाकी है। 30-30 बैड के वार्डों का विकास कार्य होना भी शेष है। न्यूरोइंटरवेंशन लैब के कार्य को भी अन्य प्रोजेक्ट में डाला गया है।

यह उपलब्धियां सरकार गिना रही

1. सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 5 बड़ी और 6 छोटी मशीन खरीदी गई। इस पर 3.5 करोड़ खर्च किए।
2. दिसम्बर 2018 से अब तक जेडीए ने 233 करोड़ की सडक़ों की स्वीकृतियां जारी हुई, 35 करोड़ नवीनीकरण पर खर्च किए।

3. सुरपुरा बांध मनोरंजन पार्क पर 2 करोड़ खर्च होंगे और कार्य चल रहा है।
4. उम्मेद उद्यान में 3.5 करोड़ के कार्य करवाए जा रहे हैं।



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