जोधपुर.
मण्डोर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एनएलयू छात्र की संदिग्ध हालात में मौत की गुत्थी मृतक के मोबाइल फोन की एफएसएल जांच में उलझ गई है। मोबाइल जांच के लिए देश में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली गुजरात के गांधीनगर की विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी को एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है।
एसआईटी के प्रमुख व पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव के अनुसार एनएलयू छात्र विक्रांत नागाइच का मोबाइल गांधीनगर की एफएसएल में जांच के लिए भेजा गया है। वहां से जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। मोबाइल की एफएसएल जांच से मृत्यु के कारणों के संबंध में अहम जानकारी सामने आ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यादव की अगुवाई में गठित एसआइटी में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया गै। एसआईटी ने गत 14 अक्टूबर को सीन रिक्रिएट कर मामले की तह में जाने का प्रयास किया था। विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट एसआइटी को मिल चुकी है, लेकिन मृत्यु का कारण अब भी स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
यह है मामला
14 अगस्त 2017 को मण्डोर रेलवे स्टेशन से कुछ दूर रेलवे ट्रैक पर एनएलयू छात्र विक्रांत नागाइच का शव मिला था। वह 13 अगस्त की रात सहपाठियों के साथ विश्वविद्यालय के पास स्थित रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। सहपाठी हॉस्टल लौट आए, लेकिन वह पीछे रूक गया। पिता ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। सीआइडी (सीबी) ने मामले में एफआर लगा दी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सर्वोच्च अदालत ने एसआईटी गठित कर मामले की नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए थे।
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