जोधपुर.
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए रात आठ बजे रात्रिकालीन कफ्र्यू लगने के बावजूद शराब दुकानों से अवैध रूप से शराब बिक्री हो रही है। नगर निगम कर्मचारियों ने मसूरिया नट बस्ती के बाहर शराब दुकान पर रात साढ़े आठ बजे शराब बिक्री पकड़ी और वीडियो व फोटोग्राफी करने लगे तो शराब विक्रेता निगम कर्मचारियों से उलझ गए और धक्का-मुक्की करने लगे। देवनगर थाना पुलिस ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया और एक युवक को गिरफ्तार किया।
निगम उपायुक्त अयूब खान के नेतृत्व में निगम कर्मचारी रात्रिकालीन कफ्र्यू की पालना करवाने के लिए शनिवार रात साढ़े आठ बजे मसूरिया नट बस्ती के बाहर पहुंचे, जहां गज्जू भाई वाइंस नामक अंग्रेजी शराब दुकान से शराब की बिक्री होती दिखाई दी।
पुष्टि करवाने के लिए निगम कर्मचारी को फर्जी ग्राहक बनाकर शराब खरीदने के लिए भेजा गया। निगम कर्मचारी कफ्र्यू के बावजूद शराब बिक्री की वीडियो व फोटोग्राफी करने लगे। यह देख शराब बेचने वाले गुस्सा गए और निगम कर्मचारियों से उलझ गए। वे धक्का-मुक्की पर उतर आए और मोबाइल छीनने लगे। इससे निगम का एक कर्मचारी चोटिल हो गया।
मामला बढऩे पर पुलिस को सूचना दी गई। सहायक पुलिस आयुक्त नीरज शर्मा व थानाधिकारी सोमकरण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर निगम कर्मचारियों को छुड़ाया। साथ ही मौके से दुकान संचालक गज्जू नट के पुत्र वासु नट को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। निगम उपायुक्त अयूब खान की तरफ से उसके खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने, धक्का-मुक्की व कोरोना संक्रमण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया। आरोपी को जमानत मुचलके पर रिहा करते ही पुलिस ने रविवार को एफआइआर में गिरफ्तार कर लिया।
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