कोरोना से सडक़ दुर्घटनाएं घटीं तो दूसरे हादसों ने रुलाया

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जोधपुर. कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष २०२० में ढाई माह तक अनलॉक रहा और इसी के चलते सडक़ हादसों में सुखद कमी आई, लेकिन दूसरी घटनाओं में जनहानि से कई घरों में दुखों का पहाड़ टूटा। लॉक डाउन की वजह से आर्थिक तंगी हो गई और कई लोगों के रोजी-रोटी के साधन छूट गए। लोगों की हिम्मत टूट गई और वे जान तक देने लगे। यही वजह है कि अनलॉक के बाद आत्महत्याओं में इजाफा हुआ।

गोलियों से भूनकर लिया महिला को भगाने का बदला
- ५ मई : मण्डोर के नयापुरा में मैरिज गार्डन के पास सब्जी खरीद रहे रूडक़ली निवासी हिस्ट्रीशीटर विकास पंवार की चार युवकों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्या से तीन माह पहले ही मृतक एक महिला को उसकी पुत्री सहित भगा ले गया था। इसी का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की गई थी।

काल बनकर आई बारिश, तीन की मौत
- ४ सितम्बर : मूसलाधार बारिश में १२वीं रोड चौराहे के पास रावण का चबूतरा के सामने ऑटो रिक्शा पर पीपल का पेड़ गिरने से ऑटो रिक्शा में बैठे बलदेव नगर निवासी मोहम्मद अजीज, मीरां कॉलोनी निवासी नरपत जीनगर और जगदम्बा कॉलोनी निवासी मंगल हंस की मृत्यु हो गई थी। बारिश से बचने के लिए तीनों युवक सडक़ किनारे खड़े ऑटो में बैठे थे।

प्रताडऩाओं से आहत ११ पाक विस्थापितों ने दी जान
- ९ अगस्त : जिले के देचू थानान्तर्गत लोड़ता हरिदासोत गांव में ट्यूबवेल पर झोंपड़े में बतौर कृषक पाक विस्थापित परिवार के ११ लोगों के शव मिले थे। इसमें परिवार के मुखिया पति-पत्नी, तीन पुत्रियां, एक पुत्र, दो पौत्र, एक पौत्री, एक नवासा व एक नवासी शामिल थे। मुखिया का एकमात्र पुत्र जीवित बचा था। यह भील परिवार पांच साल पहले पाकिस्तान से जोधपुर आया था। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि पारिवारिक प्रताडऩाओं से आहत होकर मुखिया की नर्स पुत्री ने दस जनों को जहरीला इंजेक्शन लगाकर फिर आत्महत्या की थी। मुखिया का पुत्र खेत की रखवाली करने जाने से बच गया था।

दीवाली से पहले मातम, आठ श्रमिकों की मृत्यु
- १० नवम्बर : बासनी हैवी इण्डस्ट्रीज क्षेत्र में निर्माणाधीन फैक्ट्री में प्लास्टर कार्य के दौरान दो दीवारें गिरने के साथ ही फैक्ट्री का भारी भरकम डोम धराशायी होने से आठ श्रमिकों की मौत और छह श्रमिक घायल हो गए थे। दीपावली से चंद दिन पहले हादसे से आठ परिवार में मातम छा गया था। फैक्ट्री मालिक व निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था। परिजन व समाज के विरोध प्रदर्शन के चलते प्रत्येक मृतक के परिजन को १२-१२ लाख रुपए मुआवजा दिया गया था।

अफीम के लिए दो युवकों को मौत के घाट उतारा
- ११ नवम्बर : गोवाहाटी से तस्करी कर लाए अफीम के २४ किलो दूध को गायब करने के संदेह में तस्करों ने बातचीत में हल न निकलने पर महेन्द्र चौधरी व भैराराम चौधरी की हत्या कर दी थी। एक शव बासनी में निजी अस्पताल और दूसरा शव बाड़मेर रोड पर नारनाडी गांव के पास फेंक दिया था। कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जेल से हार्डकोर मांगीलाल सहित छह जनों को गिरफ्तार किया है। पांच-छह युवक अभी तक फरार है।

भ्रष्टाचारी भी अनलॉक : एसीबी का शिकंजा
लॉक डाउन के बाद एक जून से अनलॉक होते ही जैसे भ्रष्टचारी भी अनलॉक हो गए। लॉक डाउन से पहले तक जोधपुर संभाग में रिश्वत लेते पकड़े जाने के सिर्फ पांच मामले थे। वहीं, एक जून से अब तक पैंतीस मामले और पकड़े जा चुके हैं। आरोपियों में तिलवासनी स्थित नवोदय विद्यालय का प्राचार्य भी शामिल है। वहीं, रिश्वत मांगने के चार अन्य मामले भी दर्ज किए गए हैं।



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