जोधपुर. गत वर्ष सबसे तेज परीक्षा परिणाम देने के लिए छात्र छात्राओं की वाहवाही लूटने वाले जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय इस साल फिसड्डी साबित हुआ है, जबकि इस साल परीक्षाएं भी केवल स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की ही आयोजित की गई थी। विवि के एक दर्जन से अधिक परीक्षा परिणाम बकाया है। इक्का-दुक्का को छोडकऱ सभी स्नातकोत्तर परीक्षाओं के परिणाम को इंतजार है।
विवि ने सितम्बर महीने में परीक्षाओं का आयोजन किया था। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को छोडकऱ स्नातक प्रथम वर्ष, स्नातक द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर पूर्वाद्र्ध के विद्यार्थियों को प्रमोट करके बगैर परीक्षा लिए अगली कक्षा में बैठा दिया गया। स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं हुई। अगली कक्षा में प्रवेश को देखे हुए बीए, बीएससी और बीकॉम अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम दिवाली के आसपास जारी हुए। देरी से परीक्षा परिणाम जारी होने पर पीटीईटी में प्रवेश ले रहे छात्रों के लिए विशेष पुनर्मूल्यांकन की भी व्यवस्था करनी पड़ी। इनके अलावा एलएलबी अंतिम वर्ष, बीए/बीबीए एलएलबी दसवां सेमेस्टर, लगभग सभी विषयों की एमकॉम अंतिम वर्ष, बीबीए अंतिम वर्ष, बीसीए अंतिम वर्ष, लगभग सभी विषयों की एमए अंतिम वर्ष और एमएससी के परीक्षा परिणाम बाकी है।
पिछले सात 7 दिन में आ गए परीक्षा परिणाम
गत वर्ष कई कक्षाओं के परीक्षा परिणाम परीक्षा समाप्त होने के सात दिवस के भीतर घोषित कर दिए गए थे। इसके लिए विवि की गोपनीय शाखा की चुस्ती व फुर्ती काम आई। गोपनीय शाखा ने प्रत्येक प्रश्न पत्र की परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए भेजने और शिक्षकों पर दबाव बनाकर तेजी से उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच करवाई।
बीएड और एलएलबी की परीक्षाओं पर अगले सप्ताह हो सकता है निर्णय
विवि ने तकरीबन सभी परीक्षाएं आयोजित करवा ली है लेकिन बीएड और एलएलबी प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा कोरोना के मामले बढऩे के कारण पिछले सप्ताह स्थगित करनी पड़ी थी। विवि प्रशासन परीक्षाओं के संबंध में अगले सप्ताह तक कोई निर्णय कर सकता है।
आज 5 परीक्षा परिणाम जारी किए
विवि प्रशासन ने गुरुवार को एमकॉम बिजनेस एडमिनिस्टे्रशन अंतिम वर्ष, एमए अंगे्रजी अंतिम वर्ष, एमए चतुर्थ सेमेस्टर राजस्थानी, बीकॉम अंतिम वर्ष विशेष पुनर्मूल्यांकन, बीई तृतीय सेमेस्टर केमिकल इंजीनियरिंग पुनर्मूल्यांकन के परीक्षा परिणाम जारी किए।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3lwXkYB
0 comments:
Post a Comment