जोधपुर.
अदालती आदेशों के बावजूद जिले में बजरी का अवैध चरम पर है। नदी किनारे जगह-जगह जमीनों में गड्डे तो बन ही गए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि लूनी के पास धांधिया गांव से निकलने वाली तेल पाइप लाइन को खतरा उत्पन्न होने लगा है। बजरी के अवैध खनन से पाइप लाइन के आस-पास गड्डे हो गए हैं। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए तेल कम्पनी ने पाइप लाइन के चारों तरफ खतरे की चेतावनी पट्टिका लगाई है। ताकि उस क्षेत्र में खनन रोका जा सके।
काण्डला से सालावास डिपो आती है तेल पाइप लाइन
गुजरात के काण्डला से जोधपुर में सालावास डिपो तक तेल पाइप लाइन बिछी है। जो जमीन से दस-बारह फुट अंदर है। यह पाइप लाइन लूनी में धांधिया गांव से होकर निकलती है। पाइप लाइन के नजदीक लूनी नदी भी है, जहां काफी अर्से से बजरी का अवैध खनन हो रहा है। जिससे जगह-जगह बड़े-बड़े गड्डे बन चुके हैं। पाइप लाइन पर भी खतरा मंडराने लगा है। इसका पता लगने पर तेल कम्पनी के अधिकारियों ने मौके पर खतरे की चेतावनी वाली पट्टिका लगा दी।
अंधेरा होते ही लगती है जेसीबी की कतारें
ग्रामीणों का कहना है कि लूनी से कुछ दूरी पर स्थित धांधिया गांव से निकलने वाली नदी के किनारे धड़ल्ले से बजरी का अवैध खनन हो रहा है। अंधेरा होते ही बजरी माफियाओं की जेसीबी की कतारें लगनी शुरू हो जाती है। जो रातभर खनन कर डम्परों में बजरी भरकर परिवहन करवाती है। मिलीभगत के चलते इसे रोकने के जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी हैं। प्रति जेसीबी के हिसाब से कथित बंधी वसूली जा रही है।
हर जेसीबी के हिसाब से बंधी है मासिक बंधी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बजरी खनन रोकने के लिए जिला कलक्टर, एसडीएम लूनी व पुलिस स्टेशन लूनी के प्रभारी को लिखित में परिवाद दिए गए, लेकिन खनन रोकने के कोई प्रयास तक नहीं हुए। अब तेल पाइप लाइन को खतरा होने लगा है। धांधिया में अवैध बजरी खनन करने के लिए प्रति जेसीबी के हिसाब से मासिक बंधी वसूली जा रही है।
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