जोधपुर.
फर्जी बैंक अधिकारी व कस्टमर केयर से बात करने वालों के झांसे में आकर एक महिला सहित दो व्यक्तियों ने खाते से ५९ हजार सात सौ रुपए गंवा दिए, लेकिन सरदारपुरा व रातानाडा थाना पुलिस के प्रयासों से दोनों पीडि़तों को राशि वापस मिल गई।
सरदारपुरा थानाधिकारी हनुमानसिंह ने बताया कि जालोरी गेट के पास जलतेदीप की गली निवासी मुन्नीदेवी के मोबाइल में गत 17 दिसम्बर को एक व्यक्ति का काल आया। खुद को फोन-पे एप कस्टमर केयर से बात करने का झांसा देकर उसने महिला से कहा कि उसका फोन-पे एेप अपडेट नहीं है। इसे अपडेट करने के लिए वह उसे एक लिंक भेज रहा है। मोबाइल में लिंक आते ही महिला ने उसे क्लिक कर खोला। एेसा करते ही महिला के बैंक खाते से पांच किस्तों में 29763 रुपए निकल गए। महिला ने पुलिस को सूचना दी। कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनील मांजू ने ऑनलाइन ट्राजेक्शन (यूपीआइ) प्लेटफॉर्म से कम्पनियों के विशेषज्ञों और बैंकिंग नोडल से समन्वय कर राशि को ठगों के खातों में स्थानान्तरित होने से रोक लिया। साथ ही राशि दुबारा महिला के खाते में जमा करवा दी।
इसी प्रकार, गिरीराज प्रसाद मीणा को आरबीआइ बैंक कर्मचारी बनकर ठग ने झांसे में लिया और क्रेडिट कार्ड की लिमिट एक लाख रुपए तक बढ़ाने का झांसा देकर क्रेडिट कार्ड से 29999 रुपए निकाल लिए। इसका पता लगने पर रातानाडा थाने में शिकायत दी गई। कम्प्यूटर ऑपरेटर लादाराम व खाण्डा फलसा थाने के कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरेश बिश्नोई ने ऑनलाइन ट्राजेक्शन (यूपीआइ) प्लेटफॉर्म से कम्पनियों के विशेषज्ञों और बैंकिंग नोडल से समन्वय कर राशि दुबारा खाते में जमा करवा दी।
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