निजी अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों के साथ 'सरकारी लूटÓ

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जोधपुर. निजी अस्पतालों में उपचार ले रहे मरीजों के साथ सरकार की ओर से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से इन मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने के लिए साढ़े सोलह हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि डेंगू में मरीजों के लिए प्लेट्लेट्स की दरकार के लिए यही मशीन व किट काम आते थे, उस समय महज साढ़े नौ हजार रुपए वसूले जा रहे थे। जबकि सरकारी अस्पताल में भर्ती नॉन कैटेगरी मरीजों से प्लेटलेट्स के साढ़े सात हजार रुपए वसूल किए जाते थे। प्लाज्मा के साढ़े सोलह हजार रुपए देकर निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

निजी अस्पताल तो मरीजों के साथ लूट करते ही है, साथ ही साथ सरकार भी प्लाज्मा के लिए साढ़े सोलह हजार रुपए वसूल रही है। ज्यादातर मरीजों को 2 यूनिट प्लाज्मा चढ़ रहा है। जिनके 33 हजार रुपए महज प्लाज्मा के लग रहे हैं। निजी ब्लड बैंक में भी प्लाज्मा डोनेशन का विकल्प नहीं

जोधपुर ब्लड डोनर्स के विशाल डेविस ने कहा कि सरकार ने प्लाज्मा के लिए निजी ब्लड बैंकों को अधिकृत नहीं कर रखा है। यदि इन्हें अधिकृत करें तो प्लाज्मा मिलने के और अधिक विकल्प भी खुल जाएंगे। क्योंकि प्लाज्मा डोनर व रक्तदाता इन दिनों सरकारी अस्पताल में जाते संक्रमण के डर से हिचकिचाते हैं।

10 डॉक्टर्स तुरंत प्रभाव से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज लगाए

जोधपुर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के 10 डॉक्टर्स को तुरंत प्रभाव से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन सौंपा गया है। संभागीय आयुक्त की बैठक के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त निदेशक ने डॉ. राहुल कुमार सुथार, डॉ. रिया चौधरी, डॉ. ओपी कड़वासरा, डॉ. प्रहलाद कच्छवाह, डॉ. सुखदेव चौधरी, डॉ. प्रकाश बिश्नोई, डॉ. रोहित माथुर, डॉ. शशांक माथुर, डॉ. सुरेन्द्र विश्नोई और डॉ.़.नीरज कुमार को एसएनएमसी प्रिंसिपल के अधीन अग्रिम आदेश तक लगाया।



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