जोधपुर।
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय और केन्द्रीय भूजल बोर्ड ने सूक्ष्म व लघु उद्योगों को राहत देते हुए भूजल उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए केन्द्रीय भूजल बोर्ड ने लघु उद्योग भारती को नोडल एजेन्सी नियुक्त किया है। लघु उद्योग भारती जोधपुर अंचल महासचिव महावीर चौपड़ा ने बताया कि ऐसे सूक्ष्म लघु एवं मध्यम श्रेणी के वे उद्योग जो प्रतिदिन अपनी औद्योगिक इकाइयों में 10 हजार लीटर तक या उससे कम भूजल का दोहन करते है, उन उद्योगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल सकेगा। --
प्रदेश के 30 हजार उद्योगों को मिली राहत
लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम ओझा ने बताया कि उद्योगों को अब केवल शपथ-पत्र व एमएसएमई का सटिफि केट देना होगा और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा। पूर्व में उद्योगों को हर वर्ष अनापति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता था। इसके लिए बोर्ड में आवेदन के बाद मौका निरीक्षण होता और उसके बाद ही एनओसी जारी होती रही है। इस प्रकार राजस्थान में 30 हजार से अधिक उद्योगों को अब भूजल एनओसी लेने की बंदिशे खत्म हो जाएगी। राजस्थान में बड़ी संख्या में टेक्सटाइल, स्टील व अन्य औद्योगिक इकाइयां कार्यरत है, जो लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2I8CyAc
0 comments:
Post a Comment