जोधपुर।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट (इपीसीएच) के महानिदेशक राकेशकुमार ने कहा कि भारत के पास वैश्विक सोर्सिंग हब बनने की क्षमता है। इपीसीएच की ओर से आयोजित हैण्डीक्राफ्ट वर्चुअल दिल्ली फेयर के चौथे दिन शनिवार को ऑनलाइन संगोष्ठी में राकेशकुमार ने कहा कि खिलौना विनिर्माण प्रमुख क्षेत्र है, जहां आत्मानिभर भारत की थीम के अनुसार अपने वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी को बेहतर बनाने के लिए और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लोकल फोर वोकल अभियान के अनुरूप बेहतर उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इपीसीएच की इस नई पहल के तहत प्रमुख खिलौना समूहों के करीब 14 प्रदर्शकों ने अपने खिलौने और गुडिय़ा उत्पादों को वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि यह पहल निश्चित रूप से नौकरियों का सृजन करेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी और खिलौना निर्माण क्षेत्र को राहत देगी। उन्होंने कहा कि वर्चुअल प्लेटफ ॉर्म पर आयोजित फेयर में विदेशी खरीदारों, एजेंट और घरेलू खरीदारों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
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2 हजार से अधिक विदेशी खरीदार ले रहे भाग
इपीसीएच अध्यक्ष रवि के पस्सी ने बताया कि अब तक 106 देशों के 2 हजार से अधिक विदेशी खरीदार, एजेंटों ने फेयर में विभिन्न उत्पादों का दौरा किया है। वर्चुअल फेयर 25 वर्चुअल हॉल में फैला है और देश के सभी हिस्सों से 1400 से अधिक हस्तशिल्प निर्माता और निर्यातक भाग ले रहे है।
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