जोधपुर. जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के सामथ्र्य को दर्शाते मेहरानगढ़ की भव्यता मंगलवार को एक बार फिर दुनिया भर में छा गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के कारण वर्चुअल मोड पर आयोजित शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन को सम्बोधित किया तो उनके पीछे बैकड्रॉप पर मेहरानगढ़ की तस्वीर दमक रही थी। खास बात यह भी थी कि मोदी ने भी अपने सम्बोधन के दौरान बंद गले का जोधपुरी कोट पहना।
बैकड्रॉप में अजेय दुर्ग मेहरान का इस्तेमाल करते हुए मोदी ने भाषण में चीन व पाक को कड़ा संदेश भी दिया कि सभी देशों को एक दूसरे की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। यूरोप में नाटो की तर्ज पर गठित एससीओ के चीन व रूस के अलावा भारत, पाकिस्तान, कजाकस्तान, किरगिस्तान, उज्बेकिस्तान व तजाकिस्तान समेत आठ देश सदस्य हैं। भारत-पाकिस्तान २०१७ में इसके पूर्ण सदस्य बने थे।
छाया रहा सोशल मीडिया पर
बैकड्रॉप में मेहरानगढ़ का चित्र सोशल मीडिया पर कुछ ही देर में छा गया। कई लोगों ने ट्वीटर पर शिखर सम्मेलन को सम्बोधित करते मोदी की तस्वीर अपलोड की तो फेसबुक व वाट्सएप पर भी यह फोटो छाई रही। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रधानमत्री को ट्वीट कर आभार व्यक्त किया और कहा कि यह निश्चित रूप से जोधपुरवासियों के लिए गौरव का विषय है। उल्लेखनीय है कि जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने वर्ष 1459 में 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर मेहरानगढ़ का निर्माण करवाया था। यह देश-दुनिया के पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।
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