जोधपुर. सूर्यनगरी में गैंगवार के चलते लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा एक हिस्ट्रीशीटर दूसरे हिस्ट्रीशीटर की खून का प्यासा हो गया था। उसकी हत्या की सुपारी तक दे दी गई थी। इसके लिए जोधपुर जेल में बंद लॉरेंस के एक अन्य गुर्गे ने हथियार तक मुहैया करवा दिए थे, लेकिन पुलिस के मुखबिर तंत्र ने लॉरेंस के हिस्ट्रीशीटर गुर्गे की यह साजिश नाकाम कर दी। उसने पुलिस को सूचना दे दी थी। फिर पुलिस की विशेष टीम ने सूचना को विकसित कर दो नाबालिग और जेल से लॉरेंस के शूटर को गिरफ्तार कर हथियार जब्त किए थे।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव का कहना है कि मंडोर थाने का हिस्ट्रीशीटर व लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा पवन सोलंकी आपसी रंजिश व गैंगवार के कारण दूसरे हिस्ट्रीशीटर मोंटू कण्डारा की हत्या करवाने की फिराक में था। इसके लिए उसने एक शूटर को हत्या की सुपारी दी थी। साजिश में दो नाबालिग भी शामिल थे। उन नाबालिगों तक जेल में बंद लॉरेंस के एक अन्य गुर्गे भोमाराम ने हथियार मुहैया करवाए थे।
पवन सोलंकी की यह साजिश लीक हो गई। जिसे एक मुखबिर ने पुलिस तक पहुंचा दी। दोनों गैंग में आपसी विवाद और फूट की वजह से यह साजिश उजागर हुई थी। वर्षों पुराने मुखबिर तंत्र के कारण पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। वरना शहर में एक और गैंगवार होना तय था।
जो साजिश नाकाम करने के लिए काफी थी। पुलिस की विशेष टीम को सक्रिय किया गया था। तब दोनों नाबालिगों को हथियारों के साथ पकड़ा गया था। इस प्रकार हत्या की साजिश नाकाम हो गई थी। जेल से भोमाराम को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया था। हत्या की सुपारी लेने वाला शूटर पकड़ में नहीं आ सका।
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