जोधपुर. दीपावली के दूसरे दिन गोवद्र्धन पूजन के साथ ही शहर के प्रमुख वैष्णव मंदिरों व पुष्टिमार्गीय परम्परा से जुड़े मंदिरों में ठाकुरजी को नाना प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने के साथ ही अन्नकूट महोत्सव का शुभारंभ हो गया। देवस्थान प्रबंधित मंदिरों में राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इस बार सादगीपूर्ण तरीके अन्नकूट उत्सव मनाया जाएगा। देवस्थान विभाग की ओर से गंगश्यामजी मंदिर, कुंजबिहारी मंदिर, राज रणछोड़दास मंदिर व रसिक बिहारी मंदिर में सादगी से अन्नकूट महोत्सव होंगे।
राईकाबाग स्थित युगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर में सोमवार को सैनाचार्य स्वामी अचलानंद गिरि के सान्निध्य में अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया गया। महोत्सव में ठाकुरजी, मां अन्नपूर्णा व लोकदेवता बाबा रामदेव को मंदिर में ही तैयार किए गए नाना प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर महाआरती की गई। मंदिर के रघुवीरसिंह भदावत ने बताया कि बाबा रामदेव व रानी नेतल की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष रूप से शृंगारित किया गया। सुबह अखंड धूणी में आहुतियां देकर समूचे विश्व से कोरोना महामारी जड़मूल से खत्म होने की कामना की गई। दोपहर अभिजित मुहूर्त में अन्नकूट भोग आरती में महापौर (दक्षिण) वनिता सेठ, उप महापौर किशन लड्ढा, पार्षद सुमन सैन, महेश परिहार, धीरज चौहान, रेवतसिंह इंदा, नरेंद्र फि तानी, समाजसेवी सुरेश चौधरी, जसवंत सिंह कच्छवाह, गणपतसिंह राजपुरोहित ने भागीदारी निभाई।
अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) जोधपुर की ओर से तनावड़ा फ ांटा स्थित राधा गोविंद मंदिर में सोमवार को गोवर्धन पूजन के बाद दोपहर 12.30 बजे राजभोग आरती की गई।
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