.एकाकी जीवन बिताने को मजबूर है लॉयन 'रियाज

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जोधपुर. करीब साढ़े तीन साल पहले जोधपुर स्थापना दिवस के दिन जन्मा लॉयन 'रियाजÓ लंबे अर्से से एकाकी जीवन जीने को मजबूर है। माचिया जैविक उद्यान में जूनागढ़ से लाए गए एशियाटिक लॉयन जोड़े 'जीएस-आरटीÓ ने कुल सात लॉयन शावकों को जन्म दिया था लेकिन अब उनके वंश की अंतिम संतान के रूप में केवल लॉयन 'रियाजÓ ही बचा है।

क्या है सीजेए नियम
केन्द्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण ( सीजेए) के नियमों व मापदंड के अनुसार देश के किसी भी जंतुआलय अथवा जैविक उद्यान के पिंजरों में वन्यजीवों को उसके जोड़े के साथ रखना अनिवार्य है। लेकिन माचिया जैविक उद्यान का प्रशासन साढ़े तीन साल बाद भी लॉयन 'रियाजÓ के अकेलेपन की कमी पूरी नहीं कर पाया हैं। सीजेए नियमों के अनुसार जंतुआलय को लुप्तप्राय वन्यजीवों के प्रजनन पर विशेष ध्यान देने एवं वन्यजीवों की प्रकृति के अनुसार पिंजरों लंबाई चौड़ाई एवं उनके लिए मोट्स परिसर जरूरी है। माचिया में जंगली बिल्ली, मगरमच्छ आदि कई वन्यजीव भी साथी जोड़े के इंतजार में है।

माचिया में सात लॉयन शावकों का जन्म, बचा सिर्फ एक
माचिया जैविक उद्यान में 7 जून 2016 को मादा एशियाटिक लॉयन 'आरटीÓ ने प्रथम बार 2 प्री मैच्योर शावकों जन्म दिया था लेकिन खुद ही शावकों को अस्वीकार करने से एक पखवाड़े के भीतर दोनों शावकों की मौत हो गई थी। दूसरी बार 22 अक्टूबर 2016 को तीन शावकों को जन्म दिया जिनमें दो शावकों की मौत हो गई और मां के दूध से वंचित तीसरे शावक के लिए अमरीका से आयातित विशेष दूध का पॉउडर पिलाया। यह बचा शावक 'कैलाशÓ था जिसकी पिछली माह जयपुर के नाहरगढ़ में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। वर्ष 2017 में शेरनी आरटी ने एक बार फिर दीपावली की रात एक साथ दो शावकों को जन्म दिया। दीपावली की रात जन्म होने के कारण मादा शावक का नाम 'लक्ष्मीÓ रखा गया जबकि एक नर शावक की मौत हो गई थी। लेकिन लक्ष्मी भी कुछ माह बाद दुनिया से विदा हो गई। अमूमन शेरनी का पूर्ण गर्भकाल करीब 100 से 110 दिन का होता है।

हार्मोनल समस्या के कारण नहीं
हमनें लॉयन रियाज का जोड़ा बनाने के लिए देश के विभिन्न जगहों पर कोशिश शुरू की थी लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों व चिकित्सकों ने रियाज में हार्मोनल समस्या के कारण उसका जोड़ा नहीं बनाने की सलाह दी है। एकाकी जीवन जीने वाले अन्य वन्यजीवों का जोड़ा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
केके व्यास, सहायक वन संरक्षक वन्यजीव जोधपुर।



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