पीपाड़ सिटी (जोधपुर). कृषि उपज मंडी में मूंग तुलाई नहीं होने पर किसानों ने हंगामा कर आक्रोश जताया। यहां मूंग तुलवाई कराने पहुंचे किसानों ने बताया कि कर्मचारी मूंग के सैम्पल को सरकार द्वारा तय मानक सीमा से कम बताकर मूंग तुलाई से मना कर रहे हैैं। इसको लेकर किसानों ने आक्रोश जताते हुए हंगामा कर दिया।
कृषि उपज मंडी में किसानों के हंगामे की सूचना पर पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह, पूर्व उपप्रधान डूंगरराम बडिय़ार, किसान संघ के कचराराम जाखड़, दिनेश सोलंकी, जीतू सेनी सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। किसानों ने कच्छवाह के समक्ष मामला रखते हुए इसके निराकरण की मांग रखी।
कच्छवाह ने मौके से ही सांसद पीपी चौधरी को फोन पर सूचना देकर इस मामले में केंद्र एवं राज्य सरकार से नियमों में बदलाव की मांग की गई। चौधरी ने इस मामले में जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्र सिंह कच्छावाह ने बताया कि मूंग फसल पकाई के अंतिम दौर में बेमौसम हुई बारिश से सरकारी मानकों से कुछेक मूंग की फसल में खराबी हुई है। ऐसे में यहां मूंग तुलाई को आने वाले किसानों को मजबूरन बैरंग होकर लौटना पड़ रहा है।
अब तक 27 कट्टों की ही तुलाई हुई
कृषि उपज मंडी में सरकार द्वारा 7196 समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद की जा रही है। 5 नवंबर से शुरू हुई मूंग तुलाई के 6 दिन बाद तक कुल 13.5 क्विंटल ही मूंग तुलाई हो सकी है। यहां प्रतिदिन 35 से अधिक किसान मूंग तुलाई के लिए आ रहे हैं लेकिन सरकारी मानकों के अनुरूप मूंग नहीं होने का हवाला देकर किसानों को बैरंग लौटाया जा रहा है।
ये हैं सरकारी मानक
मूंग तुलाई में लगे कार्मिको ने बताया कि सरकारी मानकों के अनुसार मूंग के काले दाने 4 प्रतिशत एवं डिस्कलर की मात्रा 3 प्रतिशत से अधिक नही होनी चाहिए। वर्तमान में मूंग बेचने आने वाले किसानों की फसल में काले दानों का प्रतिशत 10 तथा डिस्कलर का प्रतिशत 20 प्रतिशत तक है। ऐसे में मूंग तुलाई कार्य संभव नही हैं।
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