जोधपुर. सूर्योपासना से जुड़ा प्रमुख लोक आस्था का पर्व डाला छठ पर्व 20 नवम्बर को मनाया जाएगा। चार दिवसीय छठ पूजन व्रत का शुभारंभ 18 नवम्बर को 'नहाए खाएÓ की रस्म से होगा। जोधपुर में रातानाडा, मधुबन हाउसिंग बोर्ड, कुड़ी भगतासनी, एयरफोर्स, सैन्यक्षेत्र में निवासरत बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के मूलवासियों ने छठ पूजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इस बार कोविड-19 नियमों के कारण अखिल भारतीय भोजपुरी समाज जोधपुर की ओर से रातानाडा गणेश मंदिर परिसर में जलाशय के तट पर सामूहिक छठ महापूजन के लिए अनुमति नहीं मिली है।
छठ पूजन व्रत में इस बार चार पड़ाव कब
18 नवम्बर-नहाए-खाए
19 नवम्बर-खरना
20-नवम्बर-सूर्यदेव को संध्या अघ्र्य
21 नवम्बर-उदीयमान सूर्यदेव को उषा अघ्र्य
जलाशय पर अनुमति नहीं
भोजपुरी समाज के लोगों का कहना है...जोधपुर के विभिन्न क्षेत्र में निवासरत बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के करीब 50 हजार मूलवासी लोकपर्व छठ महोत्सव मनाते है। हम पिछले तीस वर्षों से रातानाडा गणेश मंदिर के जलाशय के घाट पर यह पर्व मनाते रहे हैं। इस बार हमें कोविड-19 के चलते मंदिर के प्रबंधकों ने आयोजन करने से मना कर दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि हमें कोविड-19 के गाइडलाइन की पालना करते हुए छठ पूजन की अनुमति प्रदान की जाए। इसके लिए सोमवार को ज्ञापन दिया जाएगा।
--बिरेन्द्र प्रसाद गुप्ता मुन्ना भाई, अध्यक्ष, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज रातानाडा
पूजन की अनुमति मिले
हमें हर साल रातानाडा गणेश मंदिर में पुजारियों की ओर से सहयोग मिलता रहा है। लेकिन इस बार स्पष्ट मना कर देने से पूरे समाज के लोगों में चिंता है। हमने कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करते हुए सीमित परिवारों को रातानाडा जलाशय पर पूजन की अनुमति मांगी है।
- विनोद कुमार प्रजापति, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज रातानाडा
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