जोधपुर. जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में एक के बाद एक लगातार हो रही शेरों की रहस्मय मौतों के बाद जोधपुर का माचिया जैविक उद्यान शेरों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हो गया है। जयपुर में पिछले माह 18 अक्टूबर को जोधपुर में जन्में पले बढ़े लॉयन कैलाश की संदिग्ध मौत के मात्र 18 दिनों में फिर से लॉयन तेजस की मौत ने वनविभाग को एक और झटका दिया है। जयपुर के जैविक उद्यान में पिछले कुछ महीनों में ही आधा दर्जन से अधिक शेरों की मौत हो चुकी है। वन्यजीव विशेषज्ञ जयपुर में हो रही लगातार शेरों की मौत के पीछे प्रमुख कारणों में चूहों से फैलने वाली बीमारी 'लेप्टोस्पॉइरस Ó की संभावना से भी इंकार नहीं करते है। हालांकि आइवीआरआई बरेली को भेजे गए विसरा की पूरी जांच के बाद ही शेरों की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। माचिया जैविक उद्यान में वन्यजीवों को चूहों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के प्रयास के साथ सभी बिग केट लॉयन, टाइगर व पैंथर को भोजन उबाल कर ही दिया जा रहा है ताकि संक्रमण से बचाव हो सके।
जोधपुर में पैंथर सलीम चलने फिरने में असमर्थ
जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान के सभी बिग केट सदस्यों टाइगर, लॉयन और पैंथर की विशेष देखभाल की जा रही है। हालांकि जैविक उद्यान के स्टार वन्यजीवों की सूची में शुमार पैंथर 'सलीमÓ पिछले कई दिनों से चलने फिरने में असमर्थ है।
उम्रदराज होने के कारण मूवमेंट बंद
माचिया जैविक उद्यान में सभी बिग केट स्वस्थ है। तेंदुए की उम्र अमूमन 14 साल तक होती है लेकिन माचिया जैविक उद्यान के नर पैंथर 'सलीमÓ की उम्र 17 साल हो चुकी है। उम्रदराज होने के कारण उसका मूवमेंट में कठिनाई आ रही है। उसकी डाइट पर अभी तक कोई नकारात्मक असर नही पड़ा है। हाल ही में विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों ने भी पैंथर सलीम की जांच की है।
केके व्यास, सहायक वन संरक्षक (वन्यजीव) माचिया जैविक उद्यान जोधपुर
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