जोधपुर.अंधेरे पर उजाले की जीत व शांती-समृद्धि व आरोग्य के पंचपर्व की तैयारियां शुरू हो गई है। धनतेरस, रूप चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजन, यम द्वितीया पंचपर्व का आगाज धनतेरस को होगा। कार्तिक मास के प्रथम पखवाड़े को महालक्ष्मी के शुभ दिन होने की मान्यता के चलते बाजारों में त्योहारी रौनक छाने लगी है। इसी माह से शुरू हो रहे सावों के सीजन के कारण लोग शुभ दिनों में खरीदारी करने में जुट गए है। लंबे अर्से तक लॉकडाउन के बाद बाजारों में त्योहारी खरीदारी के प्रति लोगों में खासा उत्साह है। फेस्टिव सीजन के साथ सावों की धूम होने से बाजार में शहरवासियों के अलावा आस-पास के ग्रामीण अंचल से भी खरीदारों का हुजूम उमडऩे लगा है। दीपावली के बाद आरंभ होने वाली शहनाइयों की ऋतु को लेकर दुकानदारों ने फेस्टिव सीजन के अलावा अतिरिक्त फ्रेश स्टॉक मंगवाया हैं।
नक्षत्रों का राजा है पुष्य
शास्त्रों में कहा गया है कि सर्वबाधा हरेत पुष्य अर्थात पुष्य नक्षत्र नक्षत्रों का राजा है। पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी उत्तम, फलवद्र्धक व दीर्घकाल तक उपयोगी मानी गई है। इस बार पुष्य नक्षत्र फेस्टिव सीजन में पुष्य नक्षत्र का योग होने से व्यापारियों की जमकर बिक्री की उम्मीद है। पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्ध योग भी बना है जिसमें सभी तरह की खरीदारी उत्तम मानी गई है। पुष्य नक्षत्र के मौके पर की गई खरीददारी चिर स्थायी और शुभ फलदायी होगी। शुभ व महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। इस मुहूर्त के दौरान नवीन व्यापारिक वस्तुओं, बहुमूल्य व कीमती धातुओं, इलेक्ट्रानिक उत्पाद, बहीखाता, वाहन, फर्नीचर, वस्त्र आदि वस्तुओं को खरीदना उपयुक्त है।
पुष्य के साथ अमृत व सर्वार्थसिद्धि और अहोई अष्टमी का योग
जोधपुर के प्रमुख ज्योतिषियों के अनुसार 7 नवम्बर को सुबह 8.04 बजे से पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होकर 8 नवम्बर को सूर्योदय तक पुष्य नक्षत्र योग रहेगा। पं. ओमदत्त शंकर के अनुसार 8 नवम्बर को सुबह 8.44 बजे तक रविपुष्य के साथ अमृत सिद्धि, अहोई अष्टमी तथा सर्वार्थसिद्धि के साथ पुष्यनक्षत्र का योग खरीदारी के लिए उत्तम रहेगा।
श्री पंचमी योग कल
मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष के 15 दिन महालक्ष्मी के दिन कहे गए हैं। इन दिनों किया गया नूतन कार्य, व्यवसाय व खरीदारी शुभ रहती है । गर्ग पंचांग के अनुसार 5 नवंबर पंचमी गुरुवार आद्रा नक्षत्र में श्री पंचमी योग बना है। इसमें सभी तरह के वाहन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खरीदारी श्रेष्ठ रहेगी । इनमें सोना चांदी तांबा पीतल आदि धातू की वस्तुएं खरीदना भी शुभ रहेगा।
कल खरीददारी के श्रेष्ठ मुहूर्त
शुभ बेला सुबह 6.53 से 8.15 तक
अभिजित वेला दोपहर 12.01 से 12.45 तक
लाभ अमृत वेला 12.22 से दोपहर 3.06 तक
शुभवेला शाम 4.28 से 5.50 तक ।
शनि पुष्य योग 7 को
गर्गाचार्य पंडित मोहनलाल गर्ग के अनुसार शनिवार को पुष्य नक्षत्र में शनि पुष्य अति श्रेष्ठ माना गया है । इसमें सभी तरह के उपकरण वस्तुएं खरीदना अति उत्तम है ।
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