जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पिता द्वारा बेटी को अवैध निरुद्ध करने के आरोप पर याचिकाकर्ता को पचास हजार रुपए जमा करवाने के बाद नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। यदि आरोप झूठ पाया गया तो यह राशि जब्त होगी।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में एक युवक ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर बताया कि उसने एक युवती से 28 अक्टूबर, 2020 को शादी की थी, लेकिन उसके पिता ने युवती को जबरन निरुद्ध कर लिया है। कोर्ट ने पाया कि दस्तावेजी साक्ष्यों के रूप में केवल एक अनुबंध को छोडकऱ शादी का कोई विधिक दस्तावेज पेश नहीं किया गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तीन दिन में रजिस्ट्रार (न्यायिक) के पास 50 हजार रुपए जमा करवाने को कहा है। इसके बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अगली सुनवाई पर 26 नवंबर को यदि यह पाया गया कि युवती ने याचिकाकर्ता ने विधिक शादी नहीं की है या वह अपनी इच्छा से परिजनों के साथ रह रही है, कोर्ट ने जमा राशि जब्त करने को कहा है।
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