नगरपालिका चुनाव : कड़ी से कड़ी मिलाने की जुगत बिठाना चाहेगी कांग्रेस

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बिलाड़ा (जोधपुर) . जिले की बिलाड़ा एवं पीपाड़ नगर पालिकाओं में नए बोर्ड के गठन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन पत्र प्रस्तुत करने से लेकर मतगणना एवं नए बोर्ड सदस्यों की शपथ लेने तक का कार्यक्रम जारी कर दिया है।

चुनावी तारीखों के आने के साथ ही कस्बे में जहां भाजपा फिर अपना वर्चस्व कायम रखने की जुगत बिठाएगी, वहीं राज्य में कांग्रेस सरकार के अनुरूप कड़ी से कड़ी मिलाने के अनुरोध के साथ अपना बोर्ड बनाने के लिए मतदाताओं के बीच पहुंचेगी।


वैसे चुनावी तारीखों का इंतजार किए बिना ही विधायक हीराराम मेघवाल अपने संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। विधायक ने नगर पालिका प्रशासन को भी अपने कार्यकर्ताओं के बताए कार्यों के अनुरूप नए कार्य करवाने के निर्देश दिए हैं, वहीं अन्य विभागों को भी इसी आशय पर काम करने का आग्रह किया जा चुका है। हाल ही में पालिका प्रशासन ने जिस प्रकार निविदाएं आमंत्रित की है उसमें विधायक के निर्देश स्पष्ट झलक रहे हैं।

भाजपा पहुंच रही सीधे वार्डों में


भाजपा के नगर अध्यक्ष एवं पुराने धुरंधरों ने गुरिल्ला पद्धति को व्यवहारिक रूप देते हुए सीधा वार्डों में पहुंचना शुरू कर दिया है। उनके आग्रह पर प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी नगर मंडल की नई कार्यकारिणी गठित कर दी। इस कार्यकारिणी में कई पुराने लोगों को दरकिनार किया गया है वहीं नए लोगों को शामिल कर पार्टी ने नए चेहरे चुनाव में उतारने तथा प्रचार करने वालों का संदेश दिया है। पूर्व विधायक अर्जुन लाल गर्ग पालिका चुनाव को लेकर प्रत्येक वार्ड प्रमुख एवं पाना प्रमुख से संपर्क साधने में जुट चुके हैं।


जातिवाद के इर्द-गिर्द रहेगा चुनाव


गत चुनाव 25 वार्डों में आबाद 27 हजार मतदाताओं को लेकर हुआ, लेकिन इस बार 3 हजार से अधिक मतदाताओं का इजाफा हुआ है। गत वर्ष दिशावरी मतदाताओं ने अपने वोट यहा नहीं डाले लेकिन कोरोना काल की वजह से इस बार बड़ी संख्या में मतदाता परिवार सहित यहां आए हुए हैं जो सीधा भाजपा को फायदा पहुंचाते हैं। इस बार वार्ड परिसीमन हो जाने से 10 नए वार्डों का गठन हो चुका है। इस बार 35 वार्डों से 35 वार्ड पार्षद निर्वाचित होंगे। मजे की बात तो यह है कि यहां नगर पालिका चुनाव हर बार की तरह जातिवाद के आधार पर ही हुआ और इस बार भी यही होना तय है।

ओबीसी वर्ग का ही बनेगा अध्यक्ष


नगरपालिका के 30 हजार मतदाताओं का विश्लेषण किया जाए तो कुल आबादी में 40 प्रतिशत मतदाता सीरवी जाति से हैं। इसके 25 प्रतिशत मतदाता पटेल-कुम्हार समुदाय से हैं, 15 प्रतिशत मतदाताओं में अनुसूचित जातियों में मेघवाल, सरगरा, खटीक, जटिया, मोची आदि तथा 8 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। शेष 10 से 12 प्रतिशत मतदाताओं में ब्राह्मण, पुरोहित, जैन, स्वर्णकार, वैष्णव ,सेन,खारवाल, राजपूत, चारण आदि के आते हैं।

इस प्रकार पालिका चुनावों में सबसे बड़ी सीरवी जाति के मतदाताओं के होने से हमेशा इस जाति का तथा दूसरे नंबर पर पटेल- कुम्हार का वर्चस्व रहा है। इस प्रकार सामान्य वर्ग से अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी निकलने के बावजूद सीरवी समाज का ही अध्यक्ष बनता रहा है।



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