प्लाज्मा से मिला नया जीवन, वरना चले जाते वेंटिलेटर पर

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जोधपुर. दिल्ली जैसे राज्यों और आइसीएमआर ने भले ही कोरोना संक्रमितों के इलाज में प्लाज्मा को कारगर नहीं माना, लेकिन जोधपुर में गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए कई लोग ठीक होने के बाद कह रहे हैं कि प्लाज्मा ने उन्हें एक तरह से जीवनदान दिया है। ऐसे कई मरीजों को समय पर कोरोना से ठीक हुए लोगों का प्लाज्मा नहीं मिलता तो वेंटीलेटर पर पहुंच जाते और उनकी जान खतरे में पड़ जाती।

राजस्थान पत्रिका ने प्लाज्मा थैरेपी से ठीक हुए मरीजों के मन की बात जानी तो कई लोगों ने खुलकर कहा कि प्लाज्मा ने ही उन्हें नया जीवन दिया है। प्लाज्मा किसने दिया, कहां से आया, भले ही ऐसे मरीजों को पता नहीं है, लेकिन ये प्लाज्मा दान करने वालों की तारीफ करते करते नहीं थक रहे।

डोनर्स का शुक्रगुजार

शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और राज्य कर्मचारी नेता देवेंद्र बोड़ा कोरोना संक्रमित होने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। उनके फेफड़ों पर कोरोना ने खतरनाक प्रहार किया। ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होता गया और उन्हें वेंटीलेटर पर लेने तक की नौबत आ गई। इसी दौरान उन्हें प्लाज्मा थैरेपी दी गई तो काफी राहत मिली। बोड़ा कहते हैं कि मैं उनका शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे प्लाज्मा डोनेट किया। प्लाज्मा चढऩे के बाद उन्हें खासी राहत मिली। अब वे हिम्मत के बूते धीरे धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। अब उन्हें दवा के साथ दुआ की जरूरत है।

प्लाज्मा थैरेपी से सुधरी सेहत

जोधपुर निवासी लीलाधर शर्मा संक्रमित होने के बाद एक पखवाड़े से अधिक अवधि तक महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती रहे। परिजनों के साथ अस्पताल स्टाफ ने खूब ख्याल रखा। आखिर चिकित्सकों ने उन्हें प्लाज्मा थैरेपी की सलाह दी। फिर उन्हें प्लाज्मा चढ़ाते ही सेहत में सुधार आ गया। शर्मा प्लाज्मा डोनेट करने वालों का शुक्रिया अदा करते वक्त भावुक हो गए।

अभियान की सराहना

प्लाज्मा अभियान की सूर्यनगरी के कई ब्लड डोनर्स समूहों ने न केवल सराहना की, बल्कि सोशल मीडिया पर प्लाज्मा अभियान के तहत मंगलवार को प्रकाशित खबर वायरल कर कोरोना से ठीक हुए सिम्पेमैटिक मरीजों से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आने की अपील की।

पत्रिका की पहल से जागरुकता

प्लाजमा कोरोना संक्रमितों के लिए कितना कारगर साबित हुआ, इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद जिला प्रशासन ने राजस्थान पत्रिका के साथ मिलकर गत अगस्त माह में 'दान करो, जिंदगी बचाओÓ अभियान शुरू किया और देखते ही देखते कोरोना से ठीक हुए मरीजों का एक डाटा बेस तैयार हो गया। इन दिनों कोरोना कोहराम मचा रहा है। रोजाना तीन सौ से ज्यादा संक्रमित सामने आ रहे हैं। कई लोगों की स्थिति गम्भीर होती है तो शहर में सक्रिय रक्तदाता समूह सोशल मीडिया पर प्लाजमा की जरूरत का संदेश प्रसारित करते हैं और थोड़ी ही देर में प्लाज्मा की जरूरत पूरी हो जाती है।



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