जोधपुर. तस्करी के अफीम की लूट में शामिल होने के संदेह में गत दिनों अपहरण कर दो युवकों की हत्या करने वालों का अभी तक सुराग नहीं लगा है। वारदात में शामिल आरोपियों से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वारदात में सांचौर व लोहावट के बदमाशों के शामिल होने की आशंका पर टीमें भेजी गई हैं। पुलिस को अंदेशा है कि अफीम की वसूली के बदले 25 प्रतिशत बतौर कमीशन का लालच देकर बदमाशों की गैंग को जिम्मा सौंपा गया था।
बोयल निवासी महेन्द्र पुत्र मोहनराम जाट व डांगियावास निवासी भैराराम जाट की गत ११ नवंबर की रात फिटकासनी में समझौता वार्ता के बाद अपहरण के बाद हत्या की गई थी। महेन्द्र के चचेरे भाई महावीर ने कुड़ी भगतासनी थाने में नोखड़ा निवासी सुरेश बिश्नोई, ओमप्रकाश बिश्नोई फौजी, श्रवणराम ओसू व आठ-दस अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। ओमप्रकाश बिश्नोई सीमा सुरक्षा बल से भगोड़ा है। वह पूर्व में भी गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस को अंदेशा है कि ओमप्रकाश ने ही भैराराम व महेन्द्र को ट्रक में गोवाहाटी भेज मणिपुर का अफीम का 20-25 किलो दूध मंगाया था। ट्रक में लौटने के बाद महेन्द्र व भैराराम ने कापरड़ा के पास अफीम लूटने की जानकारी दे दी थी।
रिश्तेदार पर संदेह
अफीम की खेप वसूलने के लिए गत 11 नवम्बर को महेन्द्र के घर उसका साढ़ू श्रवणराम व चार-पांच व्यक्ति आए थे। चाय पीने के बाद वे महेन्द्र को एसयूवी में साथ ले गए थे। फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। बासनी में निजी अस्पताल के मुख्य गेट पर भैराराम का शव व श्रवणराम को उतारकर आरोपी भाग गए थे। अस्पतालकर्मियों ने भाग रहे श्रवण को पकड़ पुलिस को सौंपा था। बाद में महेन्द्र का शव भी नारनाडी गांव में मिला था। पुलिस व परिजन को अंदेशा है कि श्रवणराम पूरी साजिश में शामिल था।
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