जोधपुर।
शहरी क्षेत्र में चलने वाले 15 वर्ष पुराने व्यवसायिक वाहनों का संचालन बंद होगा। वहीं डीजल से चलने वाले 15 वर्ष पुराने ऑटो रिक्शा व टेम्पों का पुनरू पंजीयन नहीं होगा।जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट इन्द्रजीत सिंह ने जोधपुर शहर की नगर निगम सीमाओं (उत्तर व दक्षिण नगर निगम ) में 15 वर्ष पुराने डीजल के व्यवसायिक वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध व डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा व टेम्पों के पंजीयन पर रोक संबंधी अधिसूचना को जारी कर दी। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी। जिला मजिस्ट्रेट ने 15 जून 2020 को जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए डीजल चलित ऑटो रिक्शा, टेम्पों के पंजीयन पर रोक व 15 वर्ष पुराने डीजल चलित समस्त व्यवसायिक वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित व चरणबद्ध तरीके से बाहर करने के लिए जारी निर्देशों के अनुसार राजस्थान मोटरयान नियम 1990 के अध्याय 8 के नियम 8.1 के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार जोधपुर शहर के नगर निगम (उत्तर व दक्षिण नगर निगम ) की सीमाओं के भीतर डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा, टेम्पों के नवीन पंजीयन पुन: पंजीयन दूसरे जिलों व उसी जिले के इन शहरी क्षेत्र के अलावा क्षेत्रों के वाहनों का स्वामित्व अंतरण व दूसरे राज्यों के वाहनों का समनुदेशन व 15 वर्ष पुराने डीजल से चलने वाले समस्त व्यवसायिक वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित किया है।
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शहर में दौड़ रहे 7150 ऑटो
आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में 7150 ऑटो रिक्शा है। इनमें से चरणबद्ध तरीके से 5100 डीजल से एलपीजी में कन्वर्ट हो चुके है। शेष 2 हजार ऑटो रिक्शा अभी 15 वर्ष की अवधि पूर्ण नहीं की है। इनकी अवधि पूर्ण होने पर ये भी चरणबद्ध तरीके से एलपीजी में कन्वर्ट होंगे।
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इन वाहनों पर भी पाबंदी
वहीं 15 वर्ष पुरानी सिटी बस, टाटा मेजिक, पिकअप, लोडिंग टेक्सी, मालवाहक वान आदि का पुन: पंजीयन नहीं किया जा रहा है। इनका संचालन पूर्णतया प्रतिबंध व इनके स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से ऊंचे मॉडल का संचालन होगा।
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