RAILWAY---रेलवे में निजीकरण मुद्दे पर सरकार की कथनी-करनी में अंतर

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जोधपुर।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (अलारसा) की ओर से रविवार को जोन स्तरीय वर्चुअल कन्वेंशन रखी गई। अलारसा के जोनल संरक्षक धर्मेन्द्र सैनी ने बताया कि सरकार व रेलमंत्री बार-बार कह रहे है कि रेलवे में निजीकरण नहीं होगा लेकिन सरकार व रेलमंत्री की कथनी-करनी में अंतर है। हाल ही में सरकार द्वारा 109 निजी ऑपरेटर्स को रेलवे में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। ऐसे तो रेलवे निजी हाथों में आ जाएगा व निजी ऑपरेटर्स अपनी मनमानी करेंगे।

अलारसा के राष्ट्रीय महासचिव एमएन प्रसाद ने कहा कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है व कर्मचारी हितों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आन्दोलन को तेज़ व मजबूत करने पर जोर दिया।

मण्डल सचिव डीआर सैन व शाखा सचिव राजेन्द्रसिंह सैल ने बताया कि जोनल कन्वेंशन में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों, निजीकरण, निगमीकरण, रिक्त पदों को न भरकर इन्हें सरेंडर करने, कर्मचारी का बोनस का भुगतान तय समय पर नहीं करना, पुरानी पेंशन बहाल न करने जैसे कर्मचारी विरोधी नीतियों के मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही, रेलवे व रनिंग स्टाफ के साथ हो रहे अन्याय को राष्ट्रीय स्तर पर सभी श्रमिक हितेषी संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया।



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