कोरोना में 'सांसोंÓ के दाम दुगने

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पत्रिका एक्सक्लूसिव

अभिषेक बिस्सा. जोधपुर.
ऑक्सीजन के नाम पर दुगने दाम लेने का खेल शुरू हो गया है। यहां तक कि ऑक्सीजन सिलेंडर जो पहले 230 से 250 रुपए में मिलता था, अब वही 5 सौ रुपए में मिल रहा है। एक ऑक्सीजन सिलेंडर बाजार से खरीदने के लिए 8 हजार रुपए सिक्योरिटी के जमा किए जाते हैं। सिलेंडर वापस लौटाने पर 7500 रुपए रिफंड का प्रावधान है। राजस्थान पत्रिका टीम ने दो दिन की मशक्कत के बाद यह जानकारी जुटाई। घर में ऑक्सीजन की दरकार और निजी अस्पताल वाले मरीजों के लिए पांच-पांच सौ रुपए के दाम में ऑक्सीजन बेचे जा रहे हैं। जबकि जोधपुर में तीन हजार से ज्यादा मरीज ऐसे हंै, जो घरों में ऑक्सीजन पर रहते हैं। इन लोगों को दुगने दाम चुकाकर ऑक्सीजन खरीदनी पड़ रही है। निजी अस्पताल भी ऑक्सीजन के दाम बढऩे से इसका सीधा भार भर्ती मरीजों पर डाल रहे हैं। हालांकि सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर 250 रुपए तक बेचे जा रहे है। मरीजों को यहां ऑक्सीजन नि:शुल्क मिल रही है।

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एक सवाल और 3 एजेंसियों के सवाल

सवाल - पत्रिका ने एक ही सवाल अलग-अलग एजेंसियों से पूछा। इसमें कुछ लोगों का सहयोग लिया और ऑक्सीजन की दरों का अलग-अलग एजेंसियों से जवाब लिया तो यह सामने आया।

एजेंसी 1 का जवाब - अभी तो प्रति सिलेंडर 8 हजार रुपए जमा कराने होंगे। पहले ढाई सौ थी, अब रेट बढ़ी है। अभी तो हमारे प्लांट से गांधी अस्पताल और सरकारी अस्पताल पूरा नहीं हो पाता है।
एजेंसी 2 का जवाब - अभी सिलेंडर के चार्ज बहुत हो रखे है। अभी अवेलेबल नहीं हो रहे है। आप सरकारी में है। आप के कोई डीसीओ जानकार है तो उससे बात करें, ताकि सिलेंडर सस्ता पड़ेगा। क्योंकि प्राइवेट लेंगे तो पैसों से धुल जाएंगे। समाजसेवा में आपके हालात खराब हो जाएगी। सब चीजें हमारे हाथ में नहीं है। हमें भी डीसीओ से बात करनी पड़ रही है। वैसे एक सिलेंडर जीएसटी मिलाकर 560 रुपए का है। सरकारी कोटे में लेंगे तो 180 रुपए और दो सौ रुपए में पड़ जाएगा। वेरिएशन बहुत है।

एजेंसी 3 जवाब - 8 हजार रुपए सिक्योरिटी के जमा करवाने होंगे। चार सौ रुपए प्रति सिलेंडर लगेंगे। सिलेंडर वापस करोगे तो सिक्योरिटी वापस दे देंगे।

क्या कहते हैं कि सहायक औषधि नियंत्रक

सभी के लिए रेट फिक्स कर रखी है। यदि कोई बाड़मेर व सुमेरपुर या अन्य से मंगवा रहा है तो किराया जोड़ ले। फिर भी डबल दाम ज्यादा है। इस बारे में पता लगाएंगे कि क्या कारण है कि डबल दाम लिए जा रहे है।

- राकेश वर्मा, सहायक औषधि नियंत्रक

मरीजों के साथ लूट होना अच्छी बात नहीं

जोधपुर में ढाई से तीन हजार मरीज ऐसे है, जिनको ऑक्सीजन चाहिए। वो पहले डेढ़ सौ व दो सौ रुपए में सिलेंडर मंगवाते थे। वे अब प्रॉब्लम में आ गए और पांच सौ रुपए में सिलेंडर ले रहे है। ऑक्सीजन के दाम घटे और निजी अस्पताल भी मरीजों के पैसे घटाए। प्रशासन से आग्रह है कि प्राइवेट अस्पताल पर भी नजर रखे, प्रशासन सभी मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखे। तब ढर्रा सुधरेगा। मरीज बेचारे पहले से परेशान होते है और ऊपर से उनके साथ लूट होना अच्छी बात नहीं है।

- डॉ. नगेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन और सचिव, एम्पोज



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