देवानिया फिल्टर प्लांट से दूषित पानी की आपूर्ति, विभाग बना मूकदर्शक

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चामू (जोधपुर). जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व ठेकेदार की लापरवाही क्षेत्र के 284 गांवों के एक लाख से अधिक आबादी के लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए करोड़ों की लागत से बना आरडी 134.5 देवानिया फिल्टर प्लांट लोगों के लिए महज दिखावा साबित हो रहा है।

राजस्थान पत्रिका के 27 सितंबर के अंक में पेयजल परियोजना: नाम का फिल्टर प्लांट, घरों में पहुंच रही बीमारियां शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिससे संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया और फिल्टर प्लांट ब्रिज व बेड की साफ-सफाई करवाए बिना आनन-फानन में फिर से दूषित पानी की सप्लाई शुरू कर दी। नौ अक्टूबर को राजस्थान पत्रिका के अंक में आनन-फानन में आधी-अधूरी सफाई कर कार्य इतिश्री शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। लेकिन संबंधित विभाग व ठेकेदार ने ब्रिज व बेड का सफाई कार्य पूरा नहीं करवाया है।

ब्रिज कई वर्षों से खराब पड़ा है। ब्रिज दीवारों में भी पानी रिस रहा है। ब्रिज ठीक करके मरम्मत कार्य की आवश्यकता है। नहर के दूषित पानी को कीटाणु रहित करने के लिए क्लोरीन गैस उपकरण लगे है जो कई वर्षो से खराब व बंद है। जिससे घरों में दूषित जलापूर्ति का सिलसिला जारी है।

फिल्टर प्लांट साफ-सफाई कार्य संबंधित विभाग व ठेकेदार के बीच बना फुटबॉल

संबंधित विभाग के एक्सईएन ने 26 सितंबर को बताया था कि देवानिया फिल्टर प्लांट की साफ-सफाई कार्य चल रहा है। पंप जल जाने के कारण सफाई कार्य में देरी हो गई थी। पंप ठीक होने के बाद ब्रिज व बेड में जमा मिट्टी को बाहर निकालकर पूरी सफाई होने के बाद पानी सप्लाई शुरू होगी। लेकिन, सफाई कार्य पूर्ण किए बिना पानी सप्लाई शुरू कर दी। जबकि संबंधित फर्म ठेकेदार ने 5 अक्टूबर को बताया था कि देवानिया फिल्टर प्लांट के ब्रिज व बेड में सारी मिट्टी निकाल दी है। पानी साफ आ रहा है। क्लोरीन की जगह ब्लीचिंग डाल रहे है। ऐसे में देवानिया फिल्टर प्लांट संबंधित विभाग व ठेकेदार के बीच फुटबॉल बना है। विभागीय लापरवाही के चलते देवानिया फिल्टर प्लांट ब्रिज में भी 10-12 फीट मिट्टी का ढेर लगा है।


डिग्गी मरम्मत कार्य में हो रही लीपापोती

देवानिया फिल्टर प्लांट की डिग्गी मरम्मत कार्य में विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते लीपापोती हो रही है। यह डिग्गी कई जगह से क्षतिग्रस्त है। विभागीय मापदंड व जी शेड्यूल के अनुसार ज्यादा क्षतिग्रस्त है वहां बजरी, सीमेंट व कंकरीट के नीचे फिल्म लगाई जाती है लेकिन डिगगी मरम्मत कार्य में ऐसा नहीं है। डिग्गी व फिल्टर प्लांट मरम्मत के नाम पर संबंधित विभाग द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों की राशि व्यय करने के बावजूद विभाग की अनदेखी के चलते प्लांट की डिग्गी क्षतिग्रस्त है।

इन्होंने कहा

प्लांट की साफ-सफाई कार्य के चलते दस दिन तक पानी सप्लाई बंद रही थी। पूरे क्षेत्र में पानी समस्या के चलते पानी की सप्लाई शुरू की है और फिल्टर प्लांट की साफ-सफाई कार्य फिर शुरू होगा। डिग्गी मरम्मत कार्य में लापरवाही हो रही है तो जेईएन व एईएन को मौके पर भेजूंगा।

-मनोज कुमार, एक्सईएन-पीएचईडी

देवानिया फिल्टर प्लांट की डिग्गी जहां जहां क्षतिग्रस्त है वहां फिल्म लगाई जाएगी। 24 घंटे पास में खड़ा रह नहीं सकता हूं यदि लापरवाही की जा रही है तो मौके पर आकर देख लूंगा। ठेकेदार से बात करता हूं।

-मनोज व्यास, कनिष्ठ अभियंता पीएचईडी



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