शुद्ध के लिए युद्ध अभियान
जोधपुर. प्रदेश का दूसरा बड़ा शहर और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर जोधपुर में सैंपल भरने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी पर्याप्त नहीं है। जोधपुर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की पोस्ट हैं, लेकिन कार्यरत दो जने हैं। जोधपुर की खाद्य सुरक्षा लैब में जूनियर एनालिटिकर असिस्टेंट भी स्थाई नहीं है। इन हालातों में मिलावट से मुकाबला बराबर नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में स्टाफ के टोटे के कारण कई मिलावटी समय पर विभाग के हत्थे नहीं चढ़ रहे हैं।
एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी जयपुर सेंट्रल टीम में डेपुटेशन पर
जोधपुर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद स्वीकृत हैं। हालांकि तीनों पद भरे हुए हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप जयपुर की सेंटल टीम में कायर्रत है। संदीप को वहां सेवाएं देते दो साल हो गए। जोधपुर में कार्यभार रजनीश शर्मा और रेवतसिंह संभाल रहे हैं। अक्सर एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी न्यायिक कार्य में रहता है। फिल्ड में एक ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी जिम्मेदारी संभालता है। क्षेत्रफल की दृष्टि से जोधपुर के लिए तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद नाकाफी है। ऐसे में जोधपुर में नए पद सृजित करने की दरकार है।
3 जेएए और 1 एसएलटी का पद खाली
जोधपुर की ओलंपिक रोड स्थित खाद्य सुरक्षा लैब में तीन जूनियर एनालिटिकल असिस्टेंट के पद स्वीकृत हैं और ये सभी पद खाली हैं। इनकी बजाय पांच ट्रेनी एनालिटिकल कार्य संभाल रहे है। एक सीनियर लैब असिस्टेंट का पद खाली पड़ा है। जोधपुर की ये लैब संभाग के बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, जालोर व सिरोही जिले के सैंपल भी जांचती है। स्टाफ के अभाव में यहां वर्क लोड बढ़ा हुआ है।
जोधपुर में रजिस्टर्ड व लाइसेंसधारी कुल 8 हजार खाद्य प्रतिष्ठान
जोधपुर में 12 लाख से अधिक व्यवसाय करने वाले लाइसेंसधारी खाद्य प्रतिष्ठान 2 हजार के करीब है। 12 लाख से कम टर्न ओवर वाले खाद्य प्रतिष्ठान 6 हजार के करीब है। जबकि जोधपुर में कई दुकानदारों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रखा है। जो विभाग की गिरफ्त से दूर है।
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