प्रचार प्रसार के अभाव में ठप हो गई इॅको टूरिज्म योजना

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नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर. जोधपुर जिले में ईको टूरिज्म योजना को बढ़ावा देने के लिए वनविभाग की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्रसार प्रचार के अभाव में लंबे अर्से से ठप पड़ा है। जोधपुर के निकट गुड़ा विश्नोइयां के बड़ा तालाब पर निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद जोधपुर आने वाले सैलानी पर्यावरणीय सम्पदा एवं वन्यजीवों की अठखेलियों के आनंद से वंचित है। जोधपुर जैसे थार मरुस्थल के प्रवेश द्वार में वन्यजीव पर्यटकों का रूझान बढ़ाने के उद्देश्य से बनी योजना के बारे में ऑन लाइन जानकारी तो दूर स्थानीय लोगों तक को योजना का पता नहीं है। जोधपुर जिले के खींचन में कुरजां बहुल क्षेत्र में एक दशक पूर्व बनी इॅको टूरिज्म योजना का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है।

शीतकाल में सजता है सतरंगी संसार

वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन क्षेत्र हुआ है। ऐसे में यदि इॅको टूरिज्म योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते है। जोधपुर के निकट काला हरिण बहुल क्षेत्र गुड़ा में शीतकाल के दौरान एक ही जगह पर चिंकारे, कुरजां सहित कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी नजर आते है।

इॅको टूरिज्म से मिल सकता है संरक्षण

वन्यजीव पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण आपस में मजबूती से जुड़े हुए हैं । इॅको टूरिज्म लोगों को वन्यजीवों की जानकारी के साथ प्रकृति के करीब लाकर वन्य जीवों के पारिस्थितिकी महत्व को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यटक प्रकृति की गोद में बिताए जाने वाले पलों की अपनी यादों में संजोए रखना चाहते हैं । इसमें विभिन्न जीवों -वनस्पतियों की प्रजातियों के ज्ञान में वृद्धि होती है ।

सुविधाओं में होगी जल्द बढ़ोतरी

गुड़ा में पर्यटकों के लिए कुल चार झोपेंनुमा वातानुकूलित कक्ष तैयार है लेकिन अभी तक टूरिस्ट अभाव में रसोई की सुविधा शुरू नहीं की गई है। एक कक्ष स्टाफ के लिए प्रयुक्त हो रहा है। एक कक्ष में थोड़ा मरम्मत कार्य बाकी है। इॅको टूरिज्म योजना के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ प्रसार प्रसार के लिए जल्द ही ब्रोशर छपवाए जाएंगे। जिले के खींचन में प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है।
केके व्यास, सहायक वन संरक्षक वनविभाग वन्यजीव मंडल जोधपुर



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