जोधपुर. मजहबे इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मोहम्मद सअव के दुनिया में आमद का उत्सव ईद मीलादुन्नबी (यौमे पैदाइश) इस बार मुस्लिम समुदाय की ओर से 30 अक्टूबर को घरों में ही मनाया जाएगा। ईद मीलादुन्नबी जलसा समिति की ओर से जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन नहीं होगा। जलसा समिति के अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष ने बताया कि राज्य सरकार व जिला प्रशासन की ओर से कोविड-19 गाइड लाइन की पालना में जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन नहीं किया जाएगा। समुदाय के सभी लोग अपने-अपने घरों में रहकर नबी के आमद की खुशियां मनाएंगे। मंगलवार को पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ जलसा समिति के पदाधिकारियों की बैठक में 30 अक्टूबर को किसी भी तरह के जूलूस व कार्यक्रम आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया। बैठक में समिति के उस्ताद हाजी हमीम बक्ष, कयुम खान लोदी, उस्ताद सलीम सेफी, अ वहीद खान, रफीक कुरैशी, सुबराती खान, शौकत अली लोहिया, नदीम बक्ष आदि मौजूद रहे। ईद मीलादुन्नबी के उपलक्ष्य में मेहरानगढ़ की तलहटी में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घरों को आकर्षक रोशनी से सजाया है।
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